शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2013

काँची रे, काँची रे, प्रीत मेरी सांची,

रुक जा, ना जा, दिल तोड़ के

गाना: कांची रे, कांची रे 
फिल्म: हरे रमा हरे कृष्णा
गायक: लता मंगेशकर, किशोर कुमार

काँची रे, काँची रे, प्रीत मेरी सांची, रुक जा, ना जा, दिल तोड़ के

तेरे हाथों में हैं मेरी डोरी जैसे, कच्चे धागे से मैं बंधा, आया ऐसे
मुश्किल हैं जीना, दे दे ओ हसीना, वापस मेरा दिल मोड़ के
काँची रे, काँची रे, प्रीत मेरी सांची, रुक जा, ना जा, दिल तोड़ के

झूठा हैं ये गुस्सा तेरा सच्चा नही, सच्चे प्रेमी को तड़पाना अच्छा नही
वापस ना आऊँगा, मैं जो चला जाऊँगा, ये तेरी गलियाँ छोड़ के

काँचा रे, काँचा रे, प्यार मेरा सांचा, रुक जा, ना जा, दिल तोड़ के

रंग तेरे में ये तन रंग लिया, तन क्या हैं मैने मन रंग लिया
बस चूप ही रहना, अब फिर ना कहना, रुक जा ना जा दिल तोड़ के
काँचा रे, काँचा रे, प्यार मेरा सांचा, रुक जा, ना जा, दिल तोड़ के

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