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बुधवार, 26 नवंबर 2025

पूरे देश में लेबर कोड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

Received on Wednesday 26th November 2025 at 12:48 PM Regarding  Protest Against New Labor Code Bills 

वाम ने पंजाब में चलाई तीखे विरोध की आंधी-कांग्रेस भी साथ 

लुधियाना में नोटिफिकेशन की कॉपियां जलाई गईं और प्रधानमंत्री को मेमोरेंडम भेजा गया


लुधियाना
: (मीडिया लिंक रविंदर//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क)::


सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट फोरम के देशव्यापी आह्वान पर,
यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रेड यूनियंस लुधियाना ने आज लेबर कोड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लेबर विरोधी कोड को एकतरफा लागू करने वाले नोटिफिकेशन की कॉपियां जलाई गईं और डिप्टी कमिश्नर के जरिए प्रधानमंत्री को मेमोरेंडम दिया गया। मेमोरेंडम में कहा गया कि 21 नवंबर, 2025 को जारी किया गया नोटिफिकेशन डेमोक्रेटिक प्रोसेस को नज़रअंदाज़ करके वेलफेयर स्टेट की मूल भावना और प्रकृति पर हमला है। दस सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने लगातार इन कोड का विरोध किया है और इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस बुलाने की मांग की है, लेकिन यह कॉन्फ्रेंस 2015 के बाद पिछले दस सालों से नहीं हुई है।   आप इस वीडियो की झलक पंजवी के वाम दैनिक नवां ज़माना में भी देख सकते हैं बस यहाँ क्लिक करके। 


ट्रेड यूनियनों ने
आरोप लगाया कि सरकार ने मज़दूरों, उनकी हड़तालों और प्रदर्शनों को नजरअंदाज करके कॉर्पोरेट हितों के तहत इन कोड को लागू किया है। इन कोड को मज़दूरों की ज़िंदगी, अधिकारों और जॉब सिक्योरिटी पर गंभीर हमला बताया गया। सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने चेतावनी दी कि यह नोटिफिकेशन गहरी बेरोज़गारी और मंदी के समय में मज़दूर वर्ग पर ‘जंग का ऐलान’ है। उन्होंने लेबर कोड को तुरंत रद्द करने और पुराने लेबर कानूनों को फिर से लागू करने की मांग की।

वक्ताओं ने कहा कि इन कोड के खिलाफ लगातार संघर्ष जारी रखा जाएगा और इसे और तेज़ किया जाएगा। देश के मज़दूर वर्ग के साथ-साथ लुधियाना की ट्रेड यूनियनें भी मज़दूरों के प्रति सरकार के कॉर्पोरेट-समर्थक और जन-विरोधी रवैये के खिलाफ लगातार संघर्ष में शामिल होंगी।


इस एक्शन को AIT, INTUC, CITU और CTU पंजाब के नेताओं – एम.एस. भाटिया, गुरजीत सिंह जगपाल, जगदीश चंद, विजय कुमार सरबजीत सिंह सरहाली और परमजीत सिंह ने लीड किया। कई और यूनियन नेता भी मौजूद थे।

सोमवार, 17 अगस्त 2020

क्या भाजपा सरकार में हट जायेगा शराब का कारोबार या माफिया?

 हर सत्ता में मजबूत और अडिग बना रहा शराब माफिया 
* लुधियाना की सभी 6 विधानसभाओं में ज़हरीली शराब पीने से हुई सैंकड़ों मौतों के बावजूद शराब माफिया के खिलाफ  कारवाई न होने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैप्टन सरकार के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया
* भाजपा का यह प्रदर्शन विषैली शराब कांड के पीड़ितों को न्याय सुनश्चित करने के लिए है--पुष्पेंद्र सिंगल
लुधियाना: 17 अगस्त 2020: (प्रदीप शर्मा इप्टा//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::
सरकारों को मोटी आमदन देने वाली शराब हर सत्ता में अजेय और सबसे प्रिय बनी रही। शराब का कारोबार लगातार तरक्की करता रहा। शराब के कारोबार को हर नाज़ुक समय में सुरक्षा प्रदान करने वाले लोग किसी गैंग की तरह काम करते रहे। किसी की हिम्मत न होती किसी शराब कारोबारी के खिलाफ कोई कुछ कह या कर सके। यह एक ऐसा कारोबार बन गया जो हर हाल में चलता था। सत्ता इतनी मेहरबान रहती कि देर रात तक ठेके बंद होने का नियम भी ताक पर रख दिया जाता। छोटे और आंधीं कारोबार बंद होते चले गए लेकिन शराब के ठेके बड़े बड़े डेकोरेटड शोरूम बनते चले गए। यह सारा सिलसिला अन्य सरकारों की तरह अकाली भाजपा सर्कार के समय भी जारी रहा। शराब का विरोध किसी सियासी मजबूरी या फैशन जैसा बन गया। विरोध करने वाले खुद भी शराब खरीदने/बेचने और पीने में एक दुसरे से आगे रहे। गिफ्ट के लिए शराब लोकप्रिय चीज़ बनती चली गई। इसी बीच बेलन ब्रिगेड का तूफ़ान उठा था जिसने कुछ उम्मीद दिलाई थी की शराब के इस कारोबार को बंद करवा के ही दम लेंगें लेकिन अनीता शर्मा की लाख कोशिशों के बावजूद यह अभियान भी बीच में ही दम तोड़ गया। 
भारतीय जनता पार्टी पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा के दिशा निर्देशों के मुताबिक ज़िला लुधियाना भाजपा के प्रधान पुष्पेंद्र सिंगल के नेतृत्व में जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये गए। प्रदेश में जहरीली शराब पीने से हुई सैंकड़ों मौतों के बावजूद शराब माफिया पर के खिलाफ बड़ी कारवाई न होने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैप्टन सरकार के खिलाफ ज़ोरदार गुस्से का प्रदर्शन किया।
लुधियाना की सभी 6 विधान सभाओं के अंतर्गत आते सभी क्षेत्रों में यह रोष प्रदर्शन किया गया व पंजाब सरकार के खिलाफ हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी भी की गयी। ज़िला प्रधान पुष्पेंद्र सिंगल ने कहा कि भाजपा का यह प्रदर्शन विषैली शराब कांड के पीड़ितों को न्याय सुनश्चित करने के लिए है और ऐसा तभी संभव है जब पीड़ितों के आरोपों के घेरे में आने वाले राजनीतिक शरण प्राप्त लोगों पर भी कड़ी कारवाई हो। सरकार केवल छोटी मछलियों पर कारवाई करके इस कांड के असली दोषियों को बचाने की फिराक में है जिसे भाजपा कतई बर्दाशत नहीं करेगी। खुद श्री सिंगल इन सभी धरनों की सफलता के लिए लगभग सभी स्थानों पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधन किया। हर जगह यह धरना प्रदर्शन कामयाब भी रहा। 
हल्का उत्तरी जालंधर बाई पास चौक में परवीन बंसल व ज़िला सचिव कांतेंदु शर्मा, हल्का केंद्रीय में आते शगुन पैलेस के बाहर शिंगार सिनेमा रोड पर गुरदेव शर्मा देबी व अश्वनी बहल व हल्का पश्चिम में पड़ते गुरुनानक भवन के बाहर पेट्रोल पंप के साथ फ़िरोज़पुर रोड पर कमल चेतली व ज़िला उपाध्यक्ष योगेंद्र मकोल, जिला महामंत्री सुनील मौदगिल की देखरेख में धरना पर्दर्शन किया गया। कुल मिलकर सारा कार्यक्रम सुनियोजित था। लेकिन किसी  नहीं दिया कि उनकी सर्कार आने पर शराब के कारोबार बंद क्र दिए जायेंगे। 
इसी तरह हल्का पूर्वी के ताजपुर मेन रोड पट्रोल पंप के पास पंजाब भाजपा के महासचिव जीवन गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी गोसाई, हल्का आत्म नगर के प्रताप चौक नज़दीक संगीत सिनेमा के पास रविंदर अरोड़ा व ज़िला सचिव डॉ.निर्मल नय्यर व हल्का दक्षिण ग्यासपूरा,स्टेडियम वाला पार्क के साथ डॉ सुभाष वर्मा व सरदार तरनजीत सिंह की देखरेख में धरने प्रदर्शन हुए। 
          धरने पर्दर्शन में भाजपा जिला सचिव यशपाल जनोत्रा,पार्षद दल के नेता सुनीता शर्मा,युवा मोर्चा के प्रधान महेश शर्मा, मंडल प्रधान रोहित सिक्का, दीपक गुप्ता, राजिंदर शर्मा, अजय गुप्ता, हरीश सग्गड़, भाजपा उद्योग प्रकोष्ट पंजाब के प्रधान दिनेश सरपाल, संतोष कालड़ा, सुनील मेहरा, इन्दर अग्रवाल, ओमप्रकाश रतड़ा, यशपाल चौधरी, भाजपा पंजाब एस सी मोर्चा पंजाब के प्रधान राज कुमार अटवाल, एस सी मोर्चा के प्रधान सुखजीव बेदी, कैलाश चौधरी, दविंदर जग्गी, हरिंदर जॉली, राजीव शर्मा, पवन शर्मा, सीमा शर्मा, सुधा खन्ना, अवतार तारी, राजिंदर हंस, तजिंदर राजा, हरबंस लाल फैंटा, हरीश शर्मा, डॉ.सतीश कुमार, अभिषेक सिंगल, नीरज वर्मा, अंकित बत्रा, विक्की सहोता, नमन बंसल पार्षद ऐनी सिका, जोगिन्दर, विजय कुमार, अजिंदर सिंह, पंजाब किशन मोर्चा के उपाध्यक्ष दविंदर सिंह घुम्मन, पार्षद मनिंदर कौर घुम्मन, मंडलों के प्रधान आकाश गुप्ता,राजेश कश्यप,राकेश जग्गी,विजय दादू,सुकेश कालिया, संदीप पूरी, डा.परमजीत सिंह, अश्वनी मरवाहा, कुशाग्र कश्यप, मंजीत कौर, भाजपा खजांची बॉबी जिंदल, नवल जैन, राजकिशोर लकी, मंडल प्रधानों में जसदेव  तिवारी, तीर्थ तनेजा, भूपिंदर राय, रोम्मी मल्होत्रा, सर्वं तिवारी,मन्नू अरोड़ा, सुरेश मिगलानी, बलविंदर गरचा, प्रार्थना तिवारी, जसवीर कौर, संतोष, परमजीत कौर, क्रांति डोगरा, दीपक गोयल, दलबीर सिंह गिल बंटी, संजीव धीमान, मनोज महन, पंजाब उद्योग प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, संतोष, विजय कुमार, निर्मल सिंह संत, राजेश पांडेय, अमित सूद, सुरिंदर शर्मा, मंडल प्रधानों में पंकज शर्मा, सुरेश अग्रवाल, केवल गर्ग, पार्षद सोनिया शर्मा, कविता, संतोष, आशा शर्मा, सुनीता, कुलदीप सिंह मल्ही, विजय पूरी, बलविंदर सिंह, घ्यान सिंह, पवन भरद्वाज, पवित्र सिंह, सुनील सिंगला, अजय दुबे आदि भाजपा कार्यकर्ता  इस पर्दर्शन में शामिल हुए। क्या अकाली भाजपा सर्कार आने पर शराब का कारोबार रुक जायेगा?

मंगलवार, 10 मार्च 2020

शाहीन बाग़ लुधियाना में नज़र आये होली के रंग तिरंगे के संग

 10th March 2020 at 6:18 PM
सख्तियों और साज़िशों से नहीं रुकेगा यह देशव्यापी आंदोलन 
लुधियाना शाहीन बाग में हाजी सलीम रंगों से बच्चों के चेहरे पर तिरंगा बनाते हुए
लुधियाना: 10 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी ब्यूरो)::
आज लुधियाना में इस आंदोलन का 28वां दिन था। सर्दी, गर्मी, बारिश और ओले। मौसम की हर मार यहां बैठे लोगों ने मुस्कराते हुए झेली। धमकियों और साज़िशों का मुकाबिला भी पूरी तरह शांत रहते हुए सब्र से किया। हर रोज़ अपने  को दोहराया कि हम इस कानून को सहन नहीं करेंगे। नागरिकता देने के प्रावधान तो पहले से ही मौजूद थे यह नया ड्रामा क्यूं?  इस मौके पर शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरार और अन्य वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि भारत सभी धर्म का देश है और सी.ए.ए नफरत फैलाने वाला एक ऐसा कानून है जिसे कबूल नहीं किया जाएगा। आज होली के अवसर पर होली के रंग भी तिरंगे के संग मनाये गए। उल्लेखनीय है कि साम्प्रदायिक लोग यहां गड़बड़ी के संकेत दे चुके हैं और शाहीन बाग़ सतर्क भी है। 
CAA के खिलाफ पंजाब के वाम संगठन भी पूरी तरह सक्रिय
CAA को केंद्र सरकार का काला कानून बताते हुए इसके खिलाफ शहर की दाना मंडी में चल रहे शाहीन बाग प्रदर्शन  लगातार जारी है। आज 28वें दिन भी बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पहुंची। इस अवसर पर विशेष कर हैबोबाल बल्लो की से प्रधान नाजिम सलमानी, शहजाद हुसैन, इरफान, महफूज़ रहमान, आसिफ हुसैन, सलीम, रियाज, लियाकत, मुन्तजिर, असगर सलमानी और जालंधर से नासिर हुसैन, अब्दुल बारी, कय्यूम, मुज़म्मिल सलमानी की अध्यक्षता में काफिले पहुंचे। मंगलवार को शाहीन बाग में होली के त्यौहार के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोगों ने हाजी सलीम जी से अपने चेहरे पर तिरंगे बनवा कर कौमी एकता और भाईचारे का संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरार ने कहा कि भारत सर्व धर्म का देश है और सी.ए.ए नफरत फैलाने वाला एक कानून है जिसे कबूल नहीं किया जाएगा।
CAA के खिलाफ पंजाब के वाम संगठन भी पूरी तरह सक्रिय
मुस्तकीम अहरार ने कहा कि आज लुधियाना शाहीन बाग में होली के दिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पहुंच कर आपसी भाईचारे प्यार और मोहब्बत का जो संदेश दिया है उसकी मिसाल नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि सी.ए.ए., एन.पी.आर. और एन.आर.सी के खिलाफ आंदोलन देशव्यापी है इसे सरकारी तंत्र अपनी साजिशों द्वारा रोक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में रोजाना बड़ी संख्या में पहुंचने वाली मां, बहनें और बेटियां बधाई की पात्र हैं जिन्होंने देश भर के लोगों की नागरिकता बचाने के लिए कमर कसी हुई है। उल्लेखनीय है कि  लगातार शांतिपूर्ण ढंग से जारी इस लोकतान्त्रिक आंदोलन ने केंद्र सरकार और  समर्थकों की नींद उड़ा रखी है।  आने वाले दिनों में इस आंदोलन के रंगरूप में और तेज़ी आने की सम्भावना है।

CAA के खिलाफ पंजाब के वाम संगठन भी पूरी तरह सक्रिय

गुरुवार, 14 मई 2015

CPI ਨੇ ਫਿਰ ਦਿਖਾਇਆ ਲਾਲ ਝੰਡੇ ਦਾ ਉਹੀ ਪੁਰਾਣਾ ਜਲਵਾ ਅਤੇ ਜੋਸ਼

ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਆਰਡੀਨੈੰਸ ਵਿਰੁੱਧ ਹਰ ਥਾਂ ਹੋਇਆ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਸਤਿਆਗ੍ਰਹਿ

ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਨਾਮ ਹੇਠ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਖੁਰਾਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਲਈ ਵੀ ਖਤਰਾ
ਲੁਧਿਆਣਾ:  14 ਮਈ 2015: (ਪੰਜਾਬ ਸਕਰੀਨ ਬਿਊਰੋ):

ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਐਕਟ 2013 ਦੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਬੇਅਸਰ ਕਰਕੇ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਆਰਡੀਨੈਂਸ-2015 ਦੇ ਰਾਹੀਂ ਤਰੱਕੀ ਦੇ ਨਾਮ ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਜ਼ਮੀਨ ਖੋਹਣ ਦੇ ਚਾਲਬਾਜ਼ ਯਤਨ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ| ਇਹ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਪਹਿਲੇ ਐਕਟ ਦੀਆਂ ਉਹਨਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਜ਼ਰ ਅੰਦਾਜ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਸੀ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਲਈ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਭਰੋਸੇ ਵਿੱਚ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ| ਇਹ ਵਿਚਾਰ ਭਾ ਕ ਪਾ ਜ਼ਿਲਾ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਕਾ: ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਬੁਆਣੀ ਵਲੋਂ ਭੌਂ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਕੌਮ ਵਿਆਪੀ ਸਤਿਆਗ੍ਰਹਿ ਦੇ ਮੌਕੇ ਕੀਤੀ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਬੋਲਦੇ ਹੋਏ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤੇ|  Tਹਨਾਂ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੜੇ ਸੰਘਰਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਰਤਾਨਵੀ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਐਕਟ-1894 ਦੀਆਂ ਲੋਕ ਮਾਰੂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਵਾ ਕੇ 2013 ਦਾ ਐਕਟ ਬਣਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ| ਇਸ ਐਕਟ ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ ਬਹੁ-ਫ਼ਸਲੀ ਅਤੇ ਸਿੰਜਾਈ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਤੇ ਪਾਬੰਦੀ ਹੈ ਕਿTਂਕਿ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਰਨ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਖਤਰਾ ਪੈਦਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ| ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜ਼ਮੀਨ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਪੇਸ਼ਗੀ ਮੁਆਵਜਾ ਅਦਾ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਸੀ| ਇਸ ਐਕਟ ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪ੍ਰੌਜੇਕੇਟ ਲਈ ਘਟੋ ਘੱਟ ਲੋੜੀਂਦੀ ਜ਼ਮੀਨ ਲਈ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜੇ ਜ਼ਮੀਨ ਬਚ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਬਿਨਾਂ ਵਰਤੀ ਹੋਈ ਜ਼ਮੀਨ ਉਸਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ| ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਪਰੀਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਮੁਆਵਜ਼ਾ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਤੇ Tਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮੁੜ ਵਸੇਬੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦਾ ਕਬਜ਼ਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ| 
ਡਾ: ਅਰੁਣ ਮਿੱਤਰਾ, ਸਹਾਇਕ ਸਕੱਤਰ  ਨੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਹਾਰਾਸ਼ਟਰ ਵਿੱਚ 85000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਵਿਚੋਂ 15000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਅਤੇ ਮੱਧਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ 45000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਭੌਂ ਵਿਚੋਂ 21000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਅਣਵਰਤੀ ਪਈ ਹੈ| ਇਹੀ ਸਥਿੱਤੀ ਹੋਰ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਹੈ| ਇਸ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ| ਇਥੋਂ ਤੱਕ ਕਿ ਕੈਗ (ਦੇਸ਼ ਦੇ ਪ੍ਰਮੱਖ ਆਡੀਟਰ ਜਨਰਲ-ਮਹਾ ਲੇਖਾਕਾਰ) ਨੇ ਵੀ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਇਸ਼ਾਰਾ ਕੀਤਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਰਾਹੀਂ ਪੇਂਡੂ ਵਸੋਂ ਤੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀ ਦੌਲਤ ਖੋਹ ਕੇ ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਜਗਤ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ| 
ਕਾ: ਡੀ ਪੀ ਮੌੜ, ਸਹਾਇਕ ਸਕੱਤਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਲੇਸ਼ਣ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਰੇਲਵੇ ਟਰੈਕ ਅਤੇ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਪਾਸੇ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਮੀਟਰ ਤੱਕ ਭੌਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵਾਹੀਯੋਗ 35% ਜ਼ਮੀਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਲਈ ਜਾਵੇਗੀ ਜਿਸ ਨਾਲ 28 ਕਰੋੜ ਲੋਕ ਉੱਜੜ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਸਾਡੇ ਖੇਤੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਖੁਰਾਕ ਸੁੱਰਖਿਆ ਦਾ ਸੰਕਟ ਪੈਦਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ| 

ਕਾ: ਰਮੇਸ਼ ਰਤਨ, ਸ਼ਹਿਰੀ ਸਕੱਤਰ  ਨੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸੰਨ 2013 ਦੇ ਐਕਟ ਅਨੁਸਾਰ ਭੌਂ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਅਸਰ ਦਾ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਵੀ ਲਗਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ| ਪਰ ਮੌਜੂਦਾ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਇਸ ਐਕਟ ਦੀਆਂ ਬੁਹਤ ਸਾਰੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਬੇਅਸਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਬ੍ਰਿਟਿਸ਼ ਸਰਕਾਰ ਨੇ1894 ਦੇ ਐਕਟ ਵਾਂਗੂ ਹੀ ਜਾਲਸਾਨਾਂ ਹੈ| 
ਕਾ: ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਗੋਰੀਆ, ਮੈਂਬਰ ਸੂਬਾ ਐਗਜ਼ੈਕਟਿਵ  ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਸਮਾਜਿਕ ਅਸਰ ਦੇ ਅੰਦਾਜ਼ੇ ਦੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਜ਼ਰ ਅੰਦਾਜ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ| ਇਹ ਬਹੁ-ਫ਼ਸਲੀ , ਸਿੰਜਾਈ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਦੀ ਇਜ਼ਾਜ਼ਤ ਦਿੰਦਾ ਹੈ| ਇਸ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਨੂੰ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕੰਪਨੀਆਂ ਅਤੇ ਭੌਂ-ਮਾਫ਼ੀਆ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਵੇਗਾ| ਇਸਦ| ਨਾਲ ਨਾਂ ਕੇਵਲ ਕਿਸਾਨੀ ਦਾ ਉਜਾੜਾ ਹੋਵੇਗਾ ਬਲਕਿ ਖੇਤੀ ਕਿੱਤੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀਆਂ – ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪਏਗਾ| 
ਕਾ: ਭਰਪੂਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਕਿਸਾਨ ਵਿਰੋਧੀ ਨੀਤੀ ਇਸ ਗੱਲ ਤੋਂ ਸਾਫ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਹਾਲੇ ਵੀ 60 ਪ੍ਰਤੀਸਤ ਕਣਕ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਰੁਲਦੀ ਫਿਰਦੀ ਹੇ|
ਹੋਰਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਕਾ: ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ, ਕਾ: ਅਵਤਾਰ ਗਿੱਲ, ਕਾ: ਸੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜਲਾਲਦੀਵਾਲ, ਕਾ: ਓ ਪੀ ਮਹਿਤਾ, ਡਾ: ਗੁਲਜਾਰ ਸਿੰਘ,  ਕਾ. ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੱਧੂ, ਕਾ: ਰਣਧੀਰ ਸਿੰਘ ਧੀਰਾ, ਕਾ: ਰਾਮਾਧਾਰ ਸਿੰਘ, ਕਾ: ਆਨੋਦ ਕੁਮਾਰ, ਕਾ: ਫਿਰੋਜ਼ ਮਾਸਟਰ, ਕਾ: ਇਸਮਾਈਲ, ਕਾ: ਰਾਮਚੰਦਰ, ਕਾ: ਕਾਮੇਸਵਰ, ਕਾ: ਮੇਵਾ ਸਿੰਘ, ਮਨਜੀਤ ਬੂਟਾ, ਨਗੀਨਾ  ਆਦਿ ਨੇ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਦਿੱਤੇ| 
ਰੈਲੀ ਉਪਰੰਤ ਸ਼ਹੀਦ ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸਰਾਭਾ ਦੇ ਬੁੱਤ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਮਿੰਨੀ ਸਕੱਤਰੇਤ ਤੱਕ  ਜਲੂਸ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਗਿਰਫ਼ਤਾਰੀ ਲਈ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ| 

गुरुवार, 20 नवंबर 2014

BJP महिला मोर्चा: साक्षी जुल्का ने दी अपने तीखे तेवरों में चेतावनी

महिला पर अभद्र टिप्पणी के विरोध में जलाया बाजवा का पुतला
लुधियाना: 19 नवंबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने जब भाजपा में शामिल हुई एक कांग्रेसी वर्कर पर अभद्र टिप्पणी की तो इसका विरोध काम से काम कांग्रेस में तो  था क्यूंकि यह मामला सियासी न हो कर महिला सम्मान और विचारों की स्वतंत्रता का था। किसी भी दल की विचारधारा अच्छी लगने पर उसमें शामिल होना महिला का अधिकार है।

इस अभद्र टिप्पणी पर कांग्रेस पार्टी और इसके नेता तो कुछ नहीं बोले लेकिन भाजपा से सबंधित महिला  कड़ा नोटिस लिया। केवल नोटिस ही नहीं लिया बल्कि कांग्रेस के पंजाब प्रमुख प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया। इस प्रदर्शन  उनका पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं की संख्या बेशक कम थी पर जितनी महिलाएं थीं वे वहां दिल से मौजूद थीं। यह कम संख्या इस बात का सबूत कि भाजपा ने सत्ता में होने के बावजूद भाड़े पर भीड़ एकत्र नहीं की।
इस अवसर पर इस प्रदर्शन की अगवानी कर रही साक्षी जुल्का ने अपने तीखे तेवरों में चेतावनी दी कि महिला सम्मान पर किसी भी तरफ से आंच नहीं आने दी जाएगी।
BJP  महिला मोर्चा: साक्षी जुल्का ने दी अपने तीखे तेवरों में चेतावनी 

सोमवार, 10 फ़रवरी 2014

देश भर में बैंक हड़ताल से कामकाज ठप्प रहा Video

लुधियाना की विशाल रैली में भी बताये गए इस संघर्ष के कारण 
बैंकों कि दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल सोमवार 10 फरवरी 2014 को बहुत मुलाज़िमों के तीखे रोष के साथ शुरू हुई। मुलाज़िम हड़ताल की  शुरूआत जोशीली नारेबाज़ी से हुई जिससे पूरा इलाका गूँज उठा।
वीडियो देखें :

इस रोष भरी जोशीली नारेबाज़ी के साथ साथ मुलाज़िम नेतायों ने बताया कि यह हड़ताल किसी शौंक या मौजमस्ती के लिए  बल्कि दिल पर पत्थर रख कर की जा रही है और इसके लिए मुलाज़िमों ने बाकायदा दो दिनों की तनखाह कटवा कर पेड़ छुट्टी ली है। मुलाज़िम नेता कामरेड डीपी मौड़ ने इस संबंध में विस्तार से बताया। वीडियो देखें :

इस हड़ताल में जहाँ बैंक कर्मियों की मुश्किलों और समस्यायों का मसला उठा वहाँ अध्यापक संघर्ष में  14 माह की मासूम बच्ची की बात भी उठी।  मुलाज़िम नेता कामरेड सुदेश कुमार ने इस मुद्दे पर भी चर्चा की। वीडियो देखें:


कुल मिलाकर इस हड़ताल कि शुरूआत बहुत ही ज़ोरदार रही।  उम्मीद है कि हड़ताल का दूसरा दिन अर्थात मंगलवार 11 फरवरी इस से भी अधिक जोशीला होगा। --रेकटर कथूरिया 

देश भर में दो दिवसीय बैंक हड़ताल शुरू 

ਦੇਸ਼ ਭਰ ਦੇ ਬੈਂਕਾਂ ਵਿੱਚ ਦੋ ਦਿਨਾਂ ਹੜਤਾਲ ਸ਼ੁਰੂ


All India Bank Strike Started with rallies and dharnas

शनिवार, 28 दिसंबर 2013

ਤੇਜ਼ਾਬ ਕਹਿਰ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋਈ ਨੌਜਵਾਨ ਕੁੜੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਮੌਤ

ਮਹਿਲਾ ਸੰਗਠਨਾਂ ਨੇ ਕੀਤੀ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਫਾਂਸੀ ਦੇਣ ਦੀ ਮੰਗ 

ਲੁਧਿਆਣਾ: 27 ਦਸੰਬਰ 2013: (ਰੈਕਟਰ ਕਥੂਰੀਆ//ਪੰਜਾਬ ਸਕਰੀਨ):
ਵਰਕਿੰਗ ਵੂਮੈਨ ਫੌਰਮ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਇਸਤਰੀ ਸਭਾ ਵੱਲੋਂ ਤੇਜ਼ਾਬ ਕਹਿਰ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋਈ ਨੌਜਵਾਨ ਕੁੜੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਮੌਤ ਤੇ ਡੂੰਘੇ ਦੁੱਖ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਮੌਤ ਦੀ ਖਬਰ ਆਉਂਦਿਆਂ ਹੀ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਹੋਰਨਾਂ ਭਾਗਾਂ ਵਾਂਗ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਸੋਗ ਦੀ ਲਹਿਰ ਦੌੜ ਗਈ। ਖੱਬੇ ਪੱਖੀ ਔਰਤਾਂ ਦੇ  ਸੰਗਠਨ ਪੰਜਾਬ ਇਸਤਰੀ ਸਭਾ ਅਤੇ ਵਰਕਿੰਗ ਵੂਮੈਨ ਫੌਰਮ ਨੇ ਇਸ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਮਿਸਾਲੀ ਪਹਿਲ ਕਦਮੀ ਕਰਦਿਆਂ ਮਿੰਨੀ ਸਕੱਤਰੇਤ ਵਿਖੇ ਦੇਸੀ ਦਫਤਰ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਆਪਣੇ ਰੋਸ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਕੀਤਾ। ਇਹਨਾਂ ਔਰਤਾਂ ਨੇ ਘੱਟ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਦੇ ਬਾਵਜੂਦ ਆਪਣੇ ਰੋਹ ਦਾ ਪ੍ਰਗਟਾਵਾ ਪੂਰੇ ਜੋਸ਼ ਨਾਲ ਕੀਤਾ। ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਤੇ ਹੋਏ ਤੇਜ਼ਾਬ ਹਮਲੇ ਦੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਫਾਂਸੀ ਦੇਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕਰਦਿਆਂ ਇਹਨਾਂ ਔਰਤਾਂ ਨੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਇਨਸਾਫ਼ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਵਿੱਚ ਸੁਧਾਰਾਂ ਦੀ ਮੰਗ ਵੀ ਕੀਤੀ। ਇਸ ਮਕਸਦ ਲਈ ਇਹਨਾਂ ਔਰਤਾਂ ਨੇ ਮਾਰਚ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਮੋਮਬੱਤੀਆਂ ਜਲਾ ਕੇ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਨੂੰ ਸ਼ਰਧਾ ਦੇ ਫੁੱਲ ਵੀ ਅਰਪਿਤ ਕੀਤੇ। ਫੌਰਮ ਦੀ ਕਨਵੀਨਰ ਡਾ. ਨਰਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਸੀਂ ਔਰਤਾਂ ਨਰਮ ਦਿਲ ਅਤੇ ਮਮਤਾ ਨਾਲ ਭਰੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਾਂ ਪਰ ਮੌਜੂਦਾ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹੇ ਅਪਰਾਧੀਆਂ ਦੇ ਖਿਲਾਫ਼ ਕਿਸੇ ਵੀ ਕਿਸਮ ਦਾ ਰਹੀਮ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਉਹਨਾਂ ਚਿੰਤਤ ਸੁਰ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਓਂਕਿ ਇਹ ਸਭ ਕੁਝ ਸੋਚੀ ਸਮਝੀ ਸਾਜਿਸ਼ ਅਧੀਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਦੀ ਗੰਭੀਰਤਾ ਵੀ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ।
ਪੰਜਾਬ ਇਸਤਰੀ ਸਭਾ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਗੁਰਚਰਨ ਕੌਰ ਕੋਚਰ ਨੇ ਲਗਾਤਾਰ ਫੈਲ ਰਹੀ ਲਾ ਕਾਨੂੰਨੀ ਅਤੇ ਬਦਅਮਨੀ ਉੱਤੇ ਚਿੰਤਾ ਪ੍ਰਗਟ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਸਰਕਾਰ ਨੂੰ ਔਰਤਾਂ ਉੱਪਰ ਵਧ ਰਹੇ ਅਪਰਾਧਾਂ ਨੂੰ ਠਲ੍ਹ ਪਾਉਣ ਲੌ ਉਚੇਚੇ ਕਦਮ ਪੁੱਟਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ। ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਪੁਰਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਸਤਰੀਆਂ ਪ੍ਰਤੀ ਆਪਣਾ ਜਗੀਰੂ ਰਵਈਆ  ਬਦਲਣ ਲਈ ਕਿਹਾ।
ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ 10-11 ਜਨਵਰੀ 2014 ਨੂੰ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀ ਆਲ ਇੰਡੀਆ ਵਰਕਿੰਗ ਵੂਮੈਨ ਦੀ ਕੌਮੀ ਕਨਵੈਨਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਡੈਲੀਗੇਸ਼ਨ ਵੀ ਭੇਜਿਆ ਜਾਏਗਾ। ਕਾਬਿਲੇ ਜ਼ਿਕਰ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਕਨਵੈਨਸ਼ਨ ਔਰਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਧ ਰਹੇ ਸੈਕਸ ਅਪਰਾਧਾਂ ਅਤੇ ਕੰਮਕਾਜ ਵਾਲੀ ਥਾਂ ਤੇ ਔਰਤਾਂ ਦੀ ਸੁਰੱਖਿਆ ਵਰਗੇ ਕਈ ਨਗ੍ਭੀਰ ਮਸਲਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ।
ਇਸ ਕਨਵੈਨਸ਼ਨ ਤੋਂ ਵਾਪਿਸ ਆਉਣ ਤੇ 18 ਜਨਵਰੀ 2014 ਨੂੰ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਕਨਵੈਨਸ਼ਨ ਕੀਤੀ ਜਾਏਗੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਕੇਂਦਰੀ ਵਿਸ਼ਾ ਹੋਵੇਗਾ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਇਸਤਰੀਆਂ ਦਾ ਯੋਗਦਾਨ--ਚੁਣੌਤੀਆਂ ਅਤੇ ਸੰਭਾਵਨਾਵਾਂ। ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੁਝ ਹੋਰ ਕਦਮ ਵੀ ਪੁੱਟੇ ਜਾਣਗੇ। 
ਤੇਜ਼ਾਬ ਕਹਿਰ ਦਾ ਸ਼ਿਕਾਰ ਹੋਈ ਨੌਜਵਾਨ ਕੁੜੀ ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਮੌਤ