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बुधवार, 26 नवंबर 2025

पूरे देश में लेबर कोड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

Received on Wednesday 26th November 2025 at 12:48 PM Regarding  Protest Against New Labor Code Bills 

वाम ने पंजाब में चलाई तीखे विरोध की आंधी-कांग्रेस भी साथ 

लुधियाना में नोटिफिकेशन की कॉपियां जलाई गईं और प्रधानमंत्री को मेमोरेंडम भेजा गया


लुधियाना
: (मीडिया लिंक रविंदर//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क)::


सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट फोरम के देशव्यापी आह्वान पर,
यूनाइटेड फ्रंट ऑफ ट्रेड यूनियंस लुधियाना ने आज लेबर कोड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लेबर विरोधी कोड को एकतरफा लागू करने वाले नोटिफिकेशन की कॉपियां जलाई गईं और डिप्टी कमिश्नर के जरिए प्रधानमंत्री को मेमोरेंडम दिया गया। मेमोरेंडम में कहा गया कि 21 नवंबर, 2025 को जारी किया गया नोटिफिकेशन डेमोक्रेटिक प्रोसेस को नज़रअंदाज़ करके वेलफेयर स्टेट की मूल भावना और प्रकृति पर हमला है। दस सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने लगातार इन कोड का विरोध किया है और इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस बुलाने की मांग की है, लेकिन यह कॉन्फ्रेंस 2015 के बाद पिछले दस सालों से नहीं हुई है।   आप इस वीडियो की झलक पंजवी के वाम दैनिक नवां ज़माना में भी देख सकते हैं बस यहाँ क्लिक करके। 


ट्रेड यूनियनों ने
आरोप लगाया कि सरकार ने मज़दूरों, उनकी हड़तालों और प्रदर्शनों को नजरअंदाज करके कॉर्पोरेट हितों के तहत इन कोड को लागू किया है। इन कोड को मज़दूरों की ज़िंदगी, अधिकारों और जॉब सिक्योरिटी पर गंभीर हमला बताया गया। सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने चेतावनी दी कि यह नोटिफिकेशन गहरी बेरोज़गारी और मंदी के समय में मज़दूर वर्ग पर ‘जंग का ऐलान’ है। उन्होंने लेबर कोड को तुरंत रद्द करने और पुराने लेबर कानूनों को फिर से लागू करने की मांग की।

वक्ताओं ने कहा कि इन कोड के खिलाफ लगातार संघर्ष जारी रखा जाएगा और इसे और तेज़ किया जाएगा। देश के मज़दूर वर्ग के साथ-साथ लुधियाना की ट्रेड यूनियनें भी मज़दूरों के प्रति सरकार के कॉर्पोरेट-समर्थक और जन-विरोधी रवैये के खिलाफ लगातार संघर्ष में शामिल होंगी।


इस एक्शन को AIT, INTUC, CITU और CTU पंजाब के नेताओं – एम.एस. भाटिया, गुरजीत सिंह जगपाल, जगदीश चंद, विजय कुमार सरबजीत सिंह सरहाली और परमजीत सिंह ने लीड किया। कई और यूनियन नेता भी मौजूद थे।

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025

बाढ़ के बाद पंजाब की मिट्टी के बदलते रसायन

Received on Monday 6th October 2025 at 11:32 AM PAU Decodes the Changing Chemistry

इस विज्ञान को समझने में पीएयू की रही विशेष भूमिका 


लुधियाना
: 6 अक्टूबर, 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग TV)::

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना ने पूरे पंजाब में बाढ़ प्रभावित मिट्टी का एक व्यापक विश्लेषण जारी किया है, जिससे पता चलता है कि हाल ही में आई बाढ़ ने कृषि भूमि को जटिल रूप से बदल दिया है। हिमालय की तलहटी से जमा लाल गाद ने जहाँ कुछ क्षेत्रों को खनिजों से समृद्ध किया है, वहीं बाढ़ ने पोषक तत्वों में असंतुलन, कठोर मिट्टी का निर्माण और रबी फसल उत्पादकता के लिए संभावित खतरे भी पैदा किए हैं।

पीएयू के कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने कहा कि बाढ़ ने पंजाब की कृषि की नींव, यानी उसकी मिट्टी, को ही बदल दिया है। उन्होंने बताया कि हालाँकि आने वाली पहाड़ी मिट्टी में फसलों के लिए लाभकारी खनिज होते हैं, लेकिन इसने राज्य की मूल मिट्टी की संरचना को बिगाड़ दिया है। अब चुनौती संतुलन बहाल करने की है। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय ने प्रभावित जिलों में मिट्टी के नमूनों का परीक्षण करने और रबी की बुवाई का मौसम शुरू होने से पहले किसानों को सुधारात्मक उपायों के बारे में मार्गदर्शन देने के लिए टीमें गठित की हैं।

डॉ. राजीव सिक्का की देखरेख में, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग ने अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, कपूरथला और पटियाला के गाँवों में परीक्षण किए। परिणामों से तलछट की गहराई, बनावट और संरचना में व्यापक भिन्नताएँ सामने आईं। कुछ खेत एक मीटर से भी ज़्यादा गहरे तलछट के नीचे दबे हुए थे, जबकि अन्य में पतली परतें थीं। तलछट की बनावट रेतीली से लेकर महीन दोमट मिट्टी तक थी, और पीएच मान क्षारीय पाए गए। विद्युत चालकता आम तौर पर कम थी, जिससे लवणता का कोई बड़ा खतरा नहीं होने का संकेत मिलता है।

डॉ. सिक्का के अनुसार, मिट्टी में कार्बनिक कार्बन की मात्रा उत्साहजनक रूप से उच्च थी, जो पंजाब के सामान्य 0.5 प्रतिशत की तुलना में औसतन 0.75 प्रतिशत से अधिक थी। कुछ नमूनों में, यह एक प्रतिशत से भी अधिक थी। हालाँकि, अधिक रेत जमाव वाले क्षेत्रों में कार्बन की मात्रा कम दर्ज की गई। फॉस्फोरस और पोटेशियम के स्तर में भिन्नता थी, जबकि लौह और मैंगनीज जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व सामान्य से कहीं अधिक मात्रा में पाए गए। उन्होंने बताया कि लौह का बढ़ा हुआ स्तर बाढ़ के पानी के साथ लाए गए लौह-लेपित रेत कणों के कारण हो सकता है।

अनुसंधान निदेशक डॉ. अजमेर सिंह ढट्ट ने बताया कि कई जगहों पर तलछट जमाव के कारण सतही और उपसतही कठोर सतहें विकसित हो गई हैं, जो जल-रिसाव और जड़ों की वृद्धि में बाधा डाल सकती हैं। उन्होंने भारी मिट्टी में सरंध्रता बहाल करने के लिए छेनी वाले हल से गहरी जुताई करने की सलाह दी, जबकि हल्की मिट्टी में, परतों के निर्माण को रोकने के लिए जमा हुई गाद और चिकनी मिट्टी को अच्छी तरह मिला देना चाहिए।

विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. मक्खन सिंह भुल्लर ने किसानों से मिट्टी में जैविक पदार्थ मिलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि गोबर की खाद, मुर्गी की खाद और हरी खाद मिट्टी की संरचना के पुनर्निर्माण, सूक्ष्मजीवी गतिविधि को प्रोत्साहित करने और स्वस्थ जड़ प्रणालियों को सहारा देने में मदद कर सकती है। उन्होंने धान की पराली को जलाने से बचने और इसकी बजाय इसे मिट्टी में मिलाकर उर्वरता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया।

रबी मौसम के लिए, पीएयू ने किसानों को विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित उर्वरक खुराक का पालन करने और वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए बुवाई के लगभग 40 से 50 दिन बाद 2 प्रतिशत यूरिया का छिड़काव (200 लीटर पानी में 4 किलो यूरिया घोलकर तैयार) करने की सलाह दी है। गेहूँ और बरसीम की फसलों में मैंगनीज की कमी पर नज़र रखनी चाहिए; यदि लक्षण दिखाई दें, तो मैंगनीज सल्फेट (प्रति एकड़ 100 लीटर पानी में मैंगनीज सल्फेट का 0.5% घोल) का 0.5 प्रतिशत पत्तियों पर छिड़काव करने की सलाह दी जाती है और एक सप्ताह बाद इसे दोहराया जाना चाहिए।

डॉ. गोसल ने कहा कि बाढ़ ने वर्तमान और आगामी फसल चक्रों को बाधित किया हो सकता है, लेकिन समय पर मृदा प्रबंधन इस बाधा को अवसर में बदल सकता है। समन्वित परीक्षण, लक्षित पोषक तत्व प्रबंधन और सामुदायिक स्तर पर विस्तार सहायता के साथ, पीएयू का लक्ष्य पंजाब के किसानों को पंजाब की कृषि भूमि की उर्वरता और लचीलापन बहाल करने में मदद करना है।

गुरुवार, 29 अगस्त 2024

ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश, लुधियाना ने किया जेल का दौरा

 29th August 2024 at 5:04 PM From DPRO  कार्यालय जिला जनसंपर्क अधिकारी लुधियाना

सेंट्रल जेल, बोर्स्टल जेल और ज़नाना जेल का लिया जायज़ा    

लुधियाना: 29 अगस्त  2024:(DPRO//मीडिया लिंक//कोमल शर्मा//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क):: 
जेल में जाने के बाद बड़ों बड़ों की ज़िन्दगी में तब्दीली आने लगती है। इसके साथ ही सोच में बदलाहट आ जाती है। खुद की समीक्षा भी खुद ही होने लगती है और एटीएम अवलोकन की संभावनाएं भी बनने लगती हैं। लेकिन हर मामले में हर कैदी की कथा व्यथा अलग ही होती है। इनकी मुश्किलें और उम्मीदें भी अलग होती हैं। इन कठिनाईयों  जायज़ा लेने के लिए उच्च अधिकारीयों की एक टीम ने सेंट्रल जेल, बोर्स्टल जेल और ज़नाना जेल का दौरा किया। 

ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, ज़िला कानूनी सेवा प्राधिकरण, लुधियाना हरप्रीत कौर रंधावा ने सेंट्रल जेल, बोर्स्टल जेल और जनाना जेल, लुधियाना का विशेष दौरा किया।

इस अवसर पर उनके साथ सचिव, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, लुधियाना हरविंदर सिंह और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लुधियाना राधिका पुरी भी उपस्थित थे।

हरप्रीत कौर रंधावा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, लुधियाना ने जेल के कैदियों के सामने आने वाली कठिनाइयों की समीक्षा की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

उन्होंने जेल की बैरकों और रसोई की भी जांच की और साफ-सफाई का भी आकलन किया गया। इसके अलावा, उन्होंने जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, लुधियाना द्वारा कैदियों/बंदियों को प्रदान की जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता योजना के बारे में भी जानकारी दी और माननीय उच्च न्यायालय और माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अपील की विधि के बारे में जागरूक किया और सीमा अवधि की भी जानकारी दी। 

उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति सरकारी खर्चे पर अपना केस चलाना चाहते हैं, उनके फार्म भरकर दो दिन के अंदर जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, लुधियाना के कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करें ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, लुधियाना द्वारा उकट जेल में कानूनी सहायता क्लिनिक चलाए जा रहे हैं, जहां पैरा लीगल स्वयं सेवकों को नियुक्त किया गया है। इन क्लीनिकों से कैदी अपने मामले के बारे में कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अब देखना है कि जेल की मुश्किलें कितने अपराधियों के ह्रदय में परिवर्तन करके उन्हें बदल पाती हैं। कितनों की सोच को किसी और तरफ लगा कर समज के लिए कुछ अच्छा करवा सकती हैं। 

सोमवार, 10 जून 2024

सप्लीमेंटस लिए बिना बॉडी बिल्डिंग कैसे संभव है?

Monday 10th June 2024 at 12:15 AM 

कैसे बच हैं सकते सप्लीमेंटस के साइड इफेक्टस से? 


लुधियाना
: 10 जून 2024: (कोमल शर्मा//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क)::

आजकल के व्यस्त युग के रंग ढंग बिक्लुल ही अलग हैं। विरोधी चलन भी एक साथ सामने आने लगे हैं। लोग जिम में भी जाने लगे है लेकिन उनका मोटापा भी बढ़ने लगा है। अधखड़ और वृद्ध लोग तो हुए ही युवा वर्ग भी बुरी तरह से मोटापे के शिकार बन रहा है। दिलचस्प बात है कि ये लोग जिम जाने और लंबी सैर के तजुर्बे भी अच्छी तरह से कर चुके हैं।  इसी बीच जो सवाल उठते रहे हैं उनमें एक सवाल जिम जाने वालों में बढ़ते हुए सप्लीमेंटस के चलन से भी है।  सप्लीमेंटस के साईड इफेक्टस में मोटापा जैसी बुराई भी संभव है? क्या सप्लीमेंटस लिए बिना बॉडी बिल्डिंग संभव भी है क्या? कही सप्लीमेंटस का प्रयोग जिम कल्चर का स्थाई हिस्सा तो नहीं बन गया? या जिम संचालक इसे अपने मुनाफे के लिए बिना सही ज़रूरत के तो नहीं बेच रहे?

ऐसे बहुत से सवाल हैं जिनके जवाब हम समय समय पर इस क्षेत्र के एक्सपर्ट लोगों से बात कर के तलाशते रहेंगे।  इस पोस्ट में हम इसी सवाल की चर्चा करते हैं कि क्या सप्लीमेंट्स के बिना बॉडी बिल्डिंग संभव है ?

तो इस सवाल का जवाब है कि जी हाँ, सप्लीमेंट्स लिए बिना भी बॉडी बिल्डिंग पूरी तरह से संभव है। सप्लीमेंटस विशेषज्ञों की सलह के बिना कभी नहीं लेने चाहिएं। बहुत से लोग बिना किसी सप्लीमेंट के अच्छी बॉडी बना सकते हैं। गांवों में तो अब भी अच्छा खानपान पूरी शुद्धता के साथ उपलब्ध है। शहरों में भी जिम जाने वालों के लिए इसके लिए सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज, और पर्याप्त आराम की आवश्यकता होती है। यहां कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं जो बिना सप्लीमेंट्स के बॉडी बिल्डिंग में मदद कर सकते हैं:

इनमें सबसे पहले हम बात करते हैं-सही पोषण की कि यह कितना  महत्वपूर्ण है। इसके लिए नियमित खानपान और खुराक में क्या क्या होना चाहिए?

प्रोटीन: प्रोटीन इस मामले में सबसे पहले आता है। मांसपेशियों के निर्माण के लिए प्रोटीन बहुत ही आवश्यक है। आप प्रोटीन प्राप्त करने के लिए अंडे, चिकन, मछली, दालें, बीन्स, और डेयरी उत्पादों का सेवन कर सकते हैं। इस मकसद के लिए कुछ अन्य स्रोत भी संभव है। 

कार्बोहाइड्रेट्स: इनका भी शरीर के लिए अलग से गहरा महत्व है। ये ऊर्जा प्रदान करते हैं जो वर्कआउट के लिए आवश्यक होती है। आप साबुत अनाज, चावल, आलू, और फल से अच्छे कार्बोहाइड्रेट्स प्राप्त कर सकते हैं। इनसे मिलने अली ऊर्जा बहुत महत्वपूर्ण है। 

फैटस: के बिना भी इस मामले में पूरी बात नहीं बनती। स्वस्थ फैटस भी बॉडी के लिए बहुत ही जरूरी हैं। आप नटस, बीज, एवोकाडो, और ओलिव ऑयल से स्वस्थ फैट्स प्राप्त कर सकते हैं।

विटामिन और मिनरल्स: प्राप्त करने के लिए ताज़े फल और सब्जियों का सेवन करें ताकि आपके शरीर को सभी आवश्यक विटामिन और मिनरल्स मिल सकें। इनका महत्व इतना कि इन पर अलग से ही काफी कुछ कहा और लिखा जा सकता है। 

नियमित एक्सरसाइज: नियमित व्यायाम या एक्सरसाइज़ तो हर हाल में लाइफ स्टाईल में होनी ही चाहिए। इनसे बॉडी के साथ दिमाग और मन ोकभी शक्ति मिलती है। साथ में प्राणायाम शामिल हो सके तो और भी अच्छा। इसके फायदों की तो कोई सीमा ही नहीं। 

वजन उठाना या वेट लिफ्टिंग (Strength Training) मांसपेशियों के विकास के लिए बहुत ही आवश्यक है। इसमें कंपाउंड एक्सरसाइज जैसे स्क्वाट्स, डेडलिफ्ट्स, बेंच प्रेस, और रोविंग शामिल हैं।

इस सब के साथ साथ कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज भी करें ताकि आपका हृदय स्वस्थ रहे और आपकी सहन शक्ति लगातार बढ़ती रहे। 

आराम और रिकवरी भी काम महत्वपूर्ण नहीं हैं। यह बहुत ही ज़रूरी है कि उचित नींद लें। मांसपेशियों की रिकवरी और विकास के लिए नींद बहुत महत्वपूर्ण है। वर्कआउट के बाद उचित आराम दें ताकि आपकी मांसपेशियाँ ठीक से ठीक हो सकें और बढ़ सकें। कुछ लोग जो निरंतर सख्त मेहनत करते हैं उनमें वे लोग  रहते  हर डेड  के बा कुछ पलों का  हैं या अपनी सीट  छोटी सी झपकी ले लेते हैं। 

हाइड्रेशन की तरफ ध्यान देना बहुत आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। पानी आपके शरीर की सभी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक है, खासकर जब आप भारी वर्कआउट करते हैं। इस तरह विशेष ध्यान लगातार ज़रूरी। है 

समयबद्धता और अनुशासन  तन और मन दोनों को ही संगीत माय बनाए रकने में सहायक रहते हैं।नियमितता और अनुशासन बिना भूले लगातार बनाए रखें। प्रगति धीरे-धीरे होती है, इसलिए धैर्य और मेहनत से काम करें। अनुशासन के फायदे भी अनगिनत हैं। 

आखिर में एक बार फिर स्पष्ट कर दें कि बॉडी बिल्डिंग में सप्लीमेंट्स की आवश्यकता इतनी भी नहीं होती जितनी अब समझी जाने लगी है। लेकिन वे कुछ लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकते हैं। अगर आप सही तरीके से पोषण लेते हैं और नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, तो बिना सप्लीमेंटस के भी आप अच्छी बॉडी बना सकते हैं।

बुधवार, 22 मई 2024

भाजपा की चुनावी स्टार प्रचारक प्रीति सप्रू को याद है लहूलुहान दिनों का दर्द

Wednesday 22nd May 2024 at 17:07

वरिंदर की हत्या को कभी नहीं भूल पाई प्रीति सप्रू


लुधियाना
: 22 मई 2024: (मीडिया लिंक टीम//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क)::

इस बार के लोकसभा चुनावों में कुछ बातें उभर का सामने आई हैं। केवल कुर्सी की ललक रखने वाले एक भीड़ की तरह सामने आए हैं। इसके साथ ही आई ए एस और आई पी एस अधिकारी भी खुल कर सामने आए हैं। इन के साथ ही प्रीति सप्रू जैसी संवेदनशील और बेहद अनुभवी फ़िल्मी शख्सियतें भी सामने आई हैं।  इसके साथ ही आम लोगों के लिए किए गए काम भी चर्चा का विषय बने हैं। आज भाजपा समर्थक बैठकों में इस बात की चर्चा रही कि पिछले दस वर्षों के दौरान केन्द्र सरकार की योजनाओं को शत-प्रतिशत संतृप्ति के करीब लाने में सफल रही है केंद्र सरकार। इसके सच की चर्चा भी हम करते रहेंगे लेकिन फ़िलहाल सबसे पहले बात करते हैं प्रीति सप्रू के पंजाब आने की। 

प्रीति सप्रू वह शख्सियत है जिसने फिल्म निर्माण, फिल्म निर्देशन और अदाकरी को बेहद नज़दीक से देख और समझा है।   वह बहुत से अवार्डों और सम्मानों से भी सम्मानित हो चुकी हैं। पंजाब के लिए कुछ करने की तमन्ना भी उनके मन में शिद्द्त है तांकि पंजाब के दर्द की दवा हो सके। इसकी वजह है कि उन्होंने पंजाब के इस दर्द को बहुत शिद्दत से महसूस किया है। अपने वरिष्ठ नायक, निर्देशक और निर्माता की जघन्य हत्या उनके लिए बहुत बड़ा सदमा रही। पंजाब के लहूलुहान इतिहास में छह दिसंबर 1988 का दिन आज भी बहुत से लोगों को याद होगा जब पंजाब की फिल्म इंडस्ट्री में जान फूंकने वाले जानेमाने फिल्म मेकर विरेंद्र की फिल्म शूटिंग के दौरान ही गांव  तलवंडी सलेम में हत्या कर दी गई थी। स्वर्गीय विरेंद्र की फिल्म मेकिंग टीम में बहुत सी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाने वाली प्रीति सप्रू के मन में अब भी वह दर्द ताज़ा है। वह पंजाब के दर्द की दवा भी करना चाहती हैं। 

आज उन्होंने कहा कि प्रत्येक कल्याणकारी योजना आम आदमी को ध्यान में रखकर बनाई गई है और इस मकसद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं रूचि लेते रहे। भारतीय जनता पार्टी लुधियाना द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन वेलकम पैलेस में किया गया।जिसमे भाजपा नेत्री प्रीति सप्रू,भाजपा जिला प्रधान रजनीश धीमान,प्रदेश सचिव रेनू थापर व महिला मोर्चा की प्रधान शीनू चुग उपस्थित थे । भाजपा नेत्री प्रीति सप्रू ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिकों को सरकारी कल्याणकारी लाभों की पहुँच हर घर तक सुनिश्चित की है।

एक समय था जब गरीब नागरिक को छोटे-छोटे लाभों के लिए भी उनके दफ्तरों के  बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे और उनको हताशा में अपना अधिकार छोड़ना पड़ता था। परंतु अब,प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सब कुछ बदल दिया है। देश के नागरिकों को सरकारी योजना का केंद्र बिंदु बना दिया है और प्रत्येक कल्याणकारी योजना आम आदमी को ध्यान में रखकर बनाई गई है, यह प्रधानमंत्री के दूरदर्शी और कल्पनाशील नेतृत्व के कारण संभव हुआ है।भारत में एक नई कार्य संस्कृति शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को हमेशा श्रेय दिया जाएगा, जिसमें प्रत्येक गरीब समर्थक और लोक कल्याण योजनाओं को इस तरह से डिजाइन किया गया, ताकि वह जाति, पंथ, धर्म या वोट की परवाह किए बिना अंतिम पंक्ति में सबसे जरूरतमंद या अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।प्रीति स्प्रू  ने कहा को पिछले दस वर्षों की छोटी सी अवधि के दौरान केन्द्र कई योजनाओं को शत-प्रतिशत संतृप्ति के करीब लाने में सफल रहा है और 'सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के सिद्धांत का पालन करते हुए पात्र लोगों को लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा एक नई अवधारणा थी, जिसका उद्देश्य उज्ज्वला योजना, स्वनिधि, पीएम आवास योजना आदि जैसी सभी सरकारी योजनाओं को संतृप्त करना था।

उन्होंने बताया कि लुधियाना के 45116 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल 6000 रुपये मिल रहे हैं। इतना ही नहीं लुधियाना में 4981 सॉयल हेल्थ कार्ड बने हैं । इतना ही नहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के लुधियाना हल्के में 734338 कार्ड धारकों को मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत योजना के तहत 402024 लोगों को मुफ्त ईलाज मिल रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लुधियाना के 26,803 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया,प्रीति सप्रू ने सभी मतदाताओं से अपील की कि वह आप,कांग्रेस और अकाली दल के झांसे में न आएं और विकसित देश और विकसित पंजाब को ध्यान में रखते हुए भाजपा के पक्ष में वोट दें। 

आज की इस प्रेस वार्ता में भाजपा जिला उपाध्यक्ष यशपाल जनोत्रा,पंकज जैन,प्रेस सचिव डा.सतीश कुमार, कारण गोसाई,अरुण कुमार आदि मौजूद थे।

रविवार, 11 फ़रवरी 2024

सर्दियों की सर्द रात को लुधियाना में रही गीत संगीत की गर्माहट

Sunday 11th February 2024 at 3:16 PM

5000 से अधिक संगीत प्रेमी और प्रशंसक पहुंचे हीरो होम लुधियाना में 


लुधियाना
: 11 फरवरी 2024: (शीबा सिंह//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::

सर्दियों की सर्द रात को रोशन करते हुए लुधियाना में बी प्राक और हीरो रियल्टी ने सिधवां कैनाल रोड पर हीरो होम्स लुधियाना में एक भव्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन कर लुधियाना में गर्माहट ला दी। प्रसिद्ध गायक बी प्राक ने हीरो रियल्टी के दूसरे चरण के लॉन्च से पहले देश भर से 5000 से अधिक संगीत प्रेमियों और प्रशंसकों की मेज़बानी की। कुल मिला कर यह सारा आयोजन बहुत ही यादगारी रहा।

मंगलवार, 30 अगस्त 2022

डॉक्टर लोकेश शर्मा को पंजाब रतन अवार्ड 2022

29th August 2022 at 04:35 PM

   चंडीगढ़ में हुई थी 44वीं नैशनल कांन्फ्रेंस  


लुधियाना: 29 अगस्त 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क):: 

आंखों से देख कर या फिर नब्ज़ टटोल कर किसी भी बिमारी का पता लगाने में माहिर आचार्य डाक्टर लोकेश अपने क्षेत्र में बहुत ही लोकप्रिय हैं। उनके मरीज़ उनके ही गुण गाते हैं। चंडीगढ़ में इन्हीं कारणों से उन्हें पंजाब रत्न एवार्ड दिया गया। उनके मिलाज कई  जगहों पर चलता है। हर जगह पर निश्चित कार्यक्रम के मुताबिक मरीज़ उनकी इंतज़ार में रहते हैं। बी पी, शूगर, मानसिक तनाव, शरीरक कमज़ोरी या कुछ भी ऐसी समस्या हो डा. लोकेश के पास उसे ठीक करने का मंत्र है। आयुर्वेद के साथ साथ होम्योपैथी के समिश्रण के भी आचार्य लोकेश बहुत अच्छे ज्ञाता हैं। इसके साथ ग्रहों की दशा और सितारों की चाल को भी पहचानते हैं। वह चाहते हैं हर ज़रूरतमंद उनके पास जल्द से जल्द पहुंचे और वह उसे तंदरुस्त कर के घर भेजें। आचार्य डा. लोकेश किसी मुनाफे के लिए नहीं बल्कि जनता को स्वस्थ बनाने में जुटे हुए हैं। एक मिशन ले कर चल रहे हैं। लक्ष्य भी बहुत बड़ा है, दिल भी और हिम्मत भी। 

ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस इंस्टिट्यूट संस्था की ओर से इस बार साल 2022 का आयोजन वास्तव में यह इस संस्था का 44वां वार्षिक आयोजन था। जो बहुत ही भव्य और शानदार रहा। इसमें देश भर से महान शख्सियतों ने भाग लिया। इसमें छत्तीसगढ़ के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल के एम सेठ, हरियाणा के डिप्टी सी एम दुष्यंत चौटाला, यू के  हाईकोर्ट के जज जस्टिस राजेश टंडन, हिमालय वैलनेस से डॉक्टर एस फारुख, सुप्रीम कोर्ट से एडवोकेट पी एन शर्मा, विधायक शाहबाद मारकंडा और चेयरमैन शुगर फेड हरियाणा से श्री रामकरण, मेंबर पार्लिमेंट राज्यसभा और वाइस चेयरमैन शिमला यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर डॉक्टर सिकंदर कुमार, वाइस चेयरमैन सिरसा से डॉक्टर कुलदीप सिंह ढ़ीढ़सा, श्रीमान पॉपुलर मीरुथी, डॉक्टर ए यू खान, चंडीगढ़ से जी जी डी एस डी के प्रिंसिपल डॉ अजय शर्मा, सिरसा से चेयरमैन भूपेश मेहता, मंगल पांडे पी जी कॉलेज से डॉक्टर अनीता गोस्वामी, गुरुग्राम से डॉक्टर पूजा राणा, हरिद्वार से श्रीमती अदिति, मीरूट से शम्मी छपरा, श्रीमती अनुश्री, राजेश कुकरेजा, ध्यानचंद कुतरी, लुधियाना से डॉक्टर लोकेश शर्मा, यमुनानगर से डॉ राजन, के डी इंटरनेशनल स्कूल से अमित गिरी, लखनऊ से डॉक्टर अशोक दुबे, अशोक कुमार शर्मा, चेन्नई से संजय कुमार, नोएडा से अमर एन शर्मा ने भाग लिया। 

इसमें प्राकृतिक चिकित्सा स्वास्थ्य संस्थान लुधियाना के संस्थापक आचार्य डॉक्टर लोकेश शर्मा को स्वास्थ्य देखभाल, आयुर्वेद प्राकृतिक चिकित्सा व योग साधना प्रचार के क्षेत्र में  सामाजिक कार्यों के लिए पंजाब रतन 2022 पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

उस दिन हम सभी के लिए बहुत हर्ष का दिन रहा क्योंकि नेचरोवेदा हेल्थ इंस्टीट्यूट लुधियाना के फाउंडर लुधियाना के डॉक्टर लोकेश शर्मा को पंजाब रत्न अवार्ड 2022 का एवार्ड,मिलना हम सभी का सम्मान था। यह रहबर हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज भवानी गढ़ डिस्ट्रिक संगरूर में बतौर इंचार्ज नेचुरोपैथी एंड आयुर्वेद पंचकर्म डिपार्टमेंट से भी हैं और इसके साथ साथ महासती प्रवेश माला जैन चेरिटेबल हॉस्पिटल मोतीनगर लुधियाना के इंचार्ज भी हैं। 

इससे पहले भी आचार्य लोकेश बहुत से संतानों से जुड़े रहे हैं। स्वामी विवेकानंद हॉस्पिटल मॉडल टाउन लुधियाना, श्री लक्ष्मी नारायण चेरिटेबल डिस्पेंसरी , बी आर एस नगर लुधियाना , ई ब्लॉक गुरुद्वारा साहिब में फिजियोथेरेपी नेचुरोपैथी योगा सेंटर के पूर्व सह संस्थापक और जैन चेरिटेबल हॉस्पिटल, हिमालयन हीलिंग सेंटर बलाचौर (नवा शहर) आदि सेंटरों में अपनी सेवाएं भी दे रहे हैं। इस अवसर पर पानीपत से रमन अनेजा, लुधियाना से सुशील कुमार मल्होत्रा, नासिक से अनिल गंगुरड़ी, एच एस शर्मा, नैनीताल से डॉक्टर नीटा बूरा, भीलवाड़ा राजस्थान से अनिल छज्जर, अकील शेख, संजय अग्रवाल, अमन अग्रवाल, मनोज कुमार गुलाटी उपस्थित थे।

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मंगलवार, 19 जनवरी 2021

बात जोगिंदरपाल पांडे के श्रद्धांजलि कार्यक्रम की

चुनौतियों का सामना करने वाला वह संकल्प कहीं कमज़ोर तो नहीं?


लुधियाना: 19 जनवरी 2021: (मीडिया लिंक रविंद्र//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::

उन दिनों को अब कई दशक गुज़र चुके लेकिन उनकी याद आते ही आज भी बदन में एक सिहरन सी  दौड़ जाती है। दिमाग में खौफ का वह माहौल ताज़ा हो जाता है। जिन लोगों ने वे दिन देखे हैं वे आज भी हर उस बात से दूरी बनाए रखना चाहते हैं जिन बातों से वह माहौल बना था। हर तरफ गोली का राज था। बम धमाके भी आम सी बात हो गई थी। घर से निकलते वक़्त इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल सा होता था कि शाम तक घर लौट पाएंगे या नहीं? हर गली हर मोहल्ले में पुलिस की गश्त भी होती थी लेकिन इसके बावजूद ए के 47 वाले अपनी मनमानी कर गुज़रते थे। सियासत की खतरनाक चालें भाईचारे के बटवारे की रेखाओं को गहरी करने में कामयाब हो रहीं थी। लोग इंसानियत से हट कर हिन्दू सिख बन कर सोचने लगे थे। घरों और परिवारों में खौफ छाया रहता था।  उस समय कांग्रेस पार्टी से सबंधित जानेमाने नेता सतपाल मित्तल और जोगिंदर पाल पांडे की जोड़ी अपनी सक्रियता निरंतर बनाए हुए थी। उनकी लोकप्रियता भी शिखर पर थी। उनके मित्रों में हिन्दू भी थे, सिख भी, मुस्लमान भी और ईसाई भी। यह जोड़ी हर गली हर मोहल्ले  में जा कर लोगों को हौंसला देती कि चिंता मत करो हम हैं न आपके साथ!  उनकी महफिलें किसी दरबार से कम न थीं जहाँ आने वाले मेहमानों के लिए हर वक़्त चाय, कॉफी, दाल-रोटी जलपान चलता रहता।  इसी बहाने उस वक़्त के मौजूदा हालात पर चर्चाएं भी चलती रहतीं। .... एक दिन 19 जनवरी का ही दिन था जब अनहोनी हो के रही। 

वरिष्ठ कांग्रेसी निर्दोष भारद्वाज बताते हैं कि उस दिन जोगिंदर पाल पांडे की कार भारत नगर चौंक के नज़दीक ही स्थित पैट्रोल पम्प में आ कर रुकी। श्री पांडे चंडीगढ़ जा रहे थे। पैट्रोल भरवाने के लिए रुके तो कोई न जनता था की यहां हमेशां ही ज़िंदगी को ब्रेक लगने वाली है। पंजाब का वह शेर होनी के जल में फंस चूका था। देखते ही देखते अचानक उसी पैट्रोल पम्प पर ए के 47 वाले लोग भी आ धमके। दिन दहाड़े गोलियों की बरसात हुई और श्री पण्डे को हमसे हमेशां के लिए छीन लिया गया। तब से लेकर कांग्रेस पार्टी गुटबंदियों के बावजूद इस दिन को मनाती आ रही है। इस घटना से जोगिंदरपाल की छवि एक हिन्दू नेता के तौर पर भी गहरी हो कर उभरी। 

आज भी इस दिन को कांग्रेस पार्टी ने बहुत ही आस्था से लुधियाना के कांग्रेस भवन में मनाया। अब जबकि हालात फिर से खतरनाक होने के इशारे दिखाई देने लगे हैं उस समय अतीत का ज़िक्र आवश्यक भी लगने लगा है। जिन लोगों ने उस नाज़ुक दौर में अपनी जान गंवाई तांकि एकता के सिद्धांत को बचाया सके, देश को बचाया जा सके, आपसी भाईचारे को बचाया जा सके; उन्हें याद करना  सिर्फ परिवारों और पार्टी का कर्तव्य ही नहीं बल्कि उन सभी का कर्तव्य  भी है जो उस सोच के साथ सहमत हैं। अब तो पंजाब में कांग्रेस  पार्टी की सत्ता इस लिए यह आयोजन  बहुत बड़े पैमाने पर होना चाहिए था। दिवंगत नेता जोगिंदरपाल पण्डे के बेटे एम एल ए राकेश पण्डे से लोगों को अब अभीबहुत उम्मीदें हैं लेकिन वह न जाने क्यूं निराश से हो कर बैठे हैं। अपने पिता की तरह वह सक्रिय नहीं हो पा रहे। पार्टी और सरकार के हालात चाहे कुछ भी क्यूं न हों। उनमें उनकी कजिन का असर तो दिखना ही  चाहिए। जो बनी बनाई विरासत और रियासत उन्हें जन्म से ही मिली है उनके पिता को तो जन्म में वह भी नहीं मिली थी। उन्होंने सब कुछ अपनी स्ट्रगल से अर्जित किया। राकेश पण्डे को अपनी स्थिति का फायदा उठाना चाहिए। सब कुछ पार्टी पर छोड़ना आज जैसे हालात में उचित भी नहीं कहा जा सकता। आज हर कांग्रेसी को स्वयं पार्टी बन कर बाहर निकलना होगा। अकेले ही यह हिम्मत करनी होगी। देखते ही देखते काफिला बन जाएगा। 

फिर भी जो हो सका पार्टी ने वह किया। जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के प्रधान अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में कांग्रेस भवन में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा में स्व. जोगिंदर पाल पांडे को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान अश्वनी शर्मा ने कहा कि जोगिंदर पाल पांडे ने आतंकवाद के समय पूरी निर्भिकता के साथ कांग्रेस पार्टी को दिशा प्रदान की और अपने जीवन की कुर्बानी दे दी। कई वरिष्ठ कांग्रेसी आए तो सही लेकिन एक औपचारिकता की तरह। लगता है बहुत से लोग वह सब भूल भी गए हैं। अब उन्हें कौन यह गीत सुनाए कि अब याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये! 

हालांकि अश्वनी शर्मा ने कहा कि उनकी कुर्बानी को कांग्रेस कभी भी भूला नहीं सकती। इस मौके पर मेयर बलकार सिंह संधू, सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, जिला महिला कांग्रेस कमेटी की प्रधान लीना टपारिया ने भी स्व. जोगिंदर पाल पांडे को श्रद्धांजलि भेंट की। फिर भी रह रह कर यही लगता रहा कि जानेवाले चले जाते हैं और वक़्त की धुल धीरे धीरे सब कुछ भुलाती चली जाती है।  

इस मौके पर सुशील पराशर, कुलवंत सिद्धू, रोशन लाल, दुष्यंत पांडे, बनवारी लाल, हरबंस पनेसर, सोमनाथ बत्रा, विपन सूद, अरूणा टपारिया, सावित्री देवी, हरमीत सिंह भोला, अमृतपाल सिंह, प्रदीप ढल्ल, कपिल किशोर, अश्वनी मल्होत्रा, जयप्रकाश, सुरजीत गिल, दिनेश मरवाहा, राकेश कुमार, संजीव मलिक, विपन शर्मा, अशोक कुमार आशु, सुरिंदर दत्त, सुरिंदर शर्मा, अहमद अली, गोल्डी अग्निहोत्री आदि ने भी स्व. जोगिंदर पाल पांडे को श्रद्धा सुमन भेंट किए। इन सभी के बोलों और शब्दों दर्द भी था, आस्था भी थी, सम्मान भी था लेकिन उन चुनौतियों का सामना  करने वाला वह संकल्प आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू की सोच वाली  कांग्रेस को बचाना बेहद ज़रूरी हो गया है। उस पुरानी कांग्रेस को बचा कर ही शायद देश को भी बचाया जा सके वरना बेचने वालों ने इसे बाजार में ला कर रख ही दिया है। 

अंत में चर्चा हरीश रावत की। उन्होने  श्री पांडे को याद करते हुए कहा है,पंजाब में अमन_शांति कायम रखने के लिये अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद श्री जोगिंदर_पाल_पांडे जी की 34वीं पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि। उन्होंने अपनी बात के अंत में विशेष तौर पर अमर शहीद जोगिंदरपाल पांडे अमर रहे।

मंगलवार, 3 नवंबर 2020

20 कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने थामा भाजपा का दामन

3rd November 2020 at 5:49 PM

 यह सब जमालपुर मंडल के प्रधान भूपिंदर राय के प्रयासों से हुआ 

लुधियाना: 3 नवम्बर 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी टीम)::

किसान आंदोलन और अकाली दल द्वारा गठबंधन तोड़ कर भाजपा का साथ छोड़ने के बावजूद भाजपा का जादू पंजाब में कम हुआ नहीं लगता। अभी भी लोग भाजपा में शामिल होना फायदे का सौदा समझते हैं। भाजपा ने दावा किया है की कांग्रेसी वर्कर अपनी पार्टी छोड़ कर भाजपा में आ मिले हैं। इस संबंध में बकदा एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई।  

भाजपा के जमालपुर मंडल के प्रधान भूपिंदर राय के प्रयासों से 20 कांग्रेसी कार्यकर्ताओ ने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के ज़िला प्रधान पुष्पेंद्र सिंगल ने कमांडर बलबीर सिंह के निवास स्थान पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को सिरोपा डालकर पार्टी में शामिल किया जिसकी अध्यक्षता भाजपा के जमालपुर मंडल के प्रधान भूपिंदर राय ने की।  जिन लोगों के कांग्रेस छोड़ कर आने का दावा भाजपा ने किया है उनमें शामिल हैं-गुगु जमालपुर,सनी जमालपुर, बॉबी जमालपुर,पबिन्द्र सिंह, बलदेव सिंह, अनमोल, विक्की, सूंदर, देश राज, सूरज, बादल, ऋतिक शर्मा, संदीप सिंह, सतनाम सिंह, जसपाल सिंह,अशोक कुमार, जतिंदर दीपक आदि शामिल हैं। भाजपा की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक इन लोगों ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह कर भाजपा को चुना। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक भाजपा छोड़ने वालों ने वायदा भी किया कि आने वाले  2022 के विधासनसभा चुनावों में वह भाजपा के साथ डट कर खड़े रहेंगे।  

भाजपा ज़िला प्रधान ने इन लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि हम साफ सुथरी एवं ईमानदार राजनीति में विश्वास रखते हैं तथा जो भी लोग पंजाब एवं पंजाब के हित की बात करता है उसका पार्टी में स्वागत है।

      इस मौके पर लुधियाना भाजपा के ज़िला महामंत्री राम गुप्ता, ज़िला उपाध्यक्ष-यशपाल जनोत्रा, मीडिया सचिव-मनमीत चावला, मनोज चौहान, कमांडर बलबीर सिंह, अवतार भाटिया, मनीष कुमार, एस के दुग्गल और विनोद जोशी भी उपस्थित थे। इसी बीच कुछ वरिष्ठ भाजपा सूत्रों का कहना है आने वाले दिनों में कई और लोग भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं क्यूंकि भाजपा अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बन गई है। भाजपा की नीतियों को दुनिया के कई हिस्सों में पसंद किया जाता है। 

सोमवार, 17 अगस्त 2020

क्या भाजपा सरकार में हट जायेगा शराब का कारोबार या माफिया?

 हर सत्ता में मजबूत और अडिग बना रहा शराब माफिया 
* लुधियाना की सभी 6 विधानसभाओं में ज़हरीली शराब पीने से हुई सैंकड़ों मौतों के बावजूद शराब माफिया के खिलाफ  कारवाई न होने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैप्टन सरकार के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया
* भाजपा का यह प्रदर्शन विषैली शराब कांड के पीड़ितों को न्याय सुनश्चित करने के लिए है--पुष्पेंद्र सिंगल
लुधियाना: 17 अगस्त 2020: (प्रदीप शर्मा इप्टा//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::
सरकारों को मोटी आमदन देने वाली शराब हर सत्ता में अजेय और सबसे प्रिय बनी रही। शराब का कारोबार लगातार तरक्की करता रहा। शराब के कारोबार को हर नाज़ुक समय में सुरक्षा प्रदान करने वाले लोग किसी गैंग की तरह काम करते रहे। किसी की हिम्मत न होती किसी शराब कारोबारी के खिलाफ कोई कुछ कह या कर सके। यह एक ऐसा कारोबार बन गया जो हर हाल में चलता था। सत्ता इतनी मेहरबान रहती कि देर रात तक ठेके बंद होने का नियम भी ताक पर रख दिया जाता। छोटे और आंधीं कारोबार बंद होते चले गए लेकिन शराब के ठेके बड़े बड़े डेकोरेटड शोरूम बनते चले गए। यह सारा सिलसिला अन्य सरकारों की तरह अकाली भाजपा सर्कार के समय भी जारी रहा। शराब का विरोध किसी सियासी मजबूरी या फैशन जैसा बन गया। विरोध करने वाले खुद भी शराब खरीदने/बेचने और पीने में एक दुसरे से आगे रहे। गिफ्ट के लिए शराब लोकप्रिय चीज़ बनती चली गई। इसी बीच बेलन ब्रिगेड का तूफ़ान उठा था जिसने कुछ उम्मीद दिलाई थी की शराब के इस कारोबार को बंद करवा के ही दम लेंगें लेकिन अनीता शर्मा की लाख कोशिशों के बावजूद यह अभियान भी बीच में ही दम तोड़ गया। 
भारतीय जनता पार्टी पंजाब प्रधान अश्वनी शर्मा के दिशा निर्देशों के मुताबिक ज़िला लुधियाना भाजपा के प्रधान पुष्पेंद्र सिंगल के नेतृत्व में जगह जगह विरोध प्रदर्शन किये गए। प्रदेश में जहरीली शराब पीने से हुई सैंकड़ों मौतों के बावजूद शराब माफिया पर के खिलाफ बड़ी कारवाई न होने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैप्टन सरकार के खिलाफ ज़ोरदार गुस्से का प्रदर्शन किया।
लुधियाना की सभी 6 विधान सभाओं के अंतर्गत आते सभी क्षेत्रों में यह रोष प्रदर्शन किया गया व पंजाब सरकार के खिलाफ हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी भी की गयी। ज़िला प्रधान पुष्पेंद्र सिंगल ने कहा कि भाजपा का यह प्रदर्शन विषैली शराब कांड के पीड़ितों को न्याय सुनश्चित करने के लिए है और ऐसा तभी संभव है जब पीड़ितों के आरोपों के घेरे में आने वाले राजनीतिक शरण प्राप्त लोगों पर भी कड़ी कारवाई हो। सरकार केवल छोटी मछलियों पर कारवाई करके इस कांड के असली दोषियों को बचाने की फिराक में है जिसे भाजपा कतई बर्दाशत नहीं करेगी। खुद श्री सिंगल इन सभी धरनों की सफलता के लिए लगभग सभी स्थानों पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधन किया। हर जगह यह धरना प्रदर्शन कामयाब भी रहा। 
हल्का उत्तरी जालंधर बाई पास चौक में परवीन बंसल व ज़िला सचिव कांतेंदु शर्मा, हल्का केंद्रीय में आते शगुन पैलेस के बाहर शिंगार सिनेमा रोड पर गुरदेव शर्मा देबी व अश्वनी बहल व हल्का पश्चिम में पड़ते गुरुनानक भवन के बाहर पेट्रोल पंप के साथ फ़िरोज़पुर रोड पर कमल चेतली व ज़िला उपाध्यक्ष योगेंद्र मकोल, जिला महामंत्री सुनील मौदगिल की देखरेख में धरना पर्दर्शन किया गया। कुल मिलकर सारा कार्यक्रम सुनियोजित था। लेकिन किसी  नहीं दिया कि उनकी सर्कार आने पर शराब के कारोबार बंद क्र दिए जायेंगे। 
इसी तरह हल्का पूर्वी के ताजपुर मेन रोड पट्रोल पंप के पास पंजाब भाजपा के महासचिव जीवन गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष राजेश्वरी गोसाई, हल्का आत्म नगर के प्रताप चौक नज़दीक संगीत सिनेमा के पास रविंदर अरोड़ा व ज़िला सचिव डॉ.निर्मल नय्यर व हल्का दक्षिण ग्यासपूरा,स्टेडियम वाला पार्क के साथ डॉ सुभाष वर्मा व सरदार तरनजीत सिंह की देखरेख में धरने प्रदर्शन हुए। 
          धरने पर्दर्शन में भाजपा जिला सचिव यशपाल जनोत्रा,पार्षद दल के नेता सुनीता शर्मा,युवा मोर्चा के प्रधान महेश शर्मा, मंडल प्रधान रोहित सिक्का, दीपक गुप्ता, राजिंदर शर्मा, अजय गुप्ता, हरीश सग्गड़, भाजपा उद्योग प्रकोष्ट पंजाब के प्रधान दिनेश सरपाल, संतोष कालड़ा, सुनील मेहरा, इन्दर अग्रवाल, ओमप्रकाश रतड़ा, यशपाल चौधरी, भाजपा पंजाब एस सी मोर्चा पंजाब के प्रधान राज कुमार अटवाल, एस सी मोर्चा के प्रधान सुखजीव बेदी, कैलाश चौधरी, दविंदर जग्गी, हरिंदर जॉली, राजीव शर्मा, पवन शर्मा, सीमा शर्मा, सुधा खन्ना, अवतार तारी, राजिंदर हंस, तजिंदर राजा, हरबंस लाल फैंटा, हरीश शर्मा, डॉ.सतीश कुमार, अभिषेक सिंगल, नीरज वर्मा, अंकित बत्रा, विक्की सहोता, नमन बंसल पार्षद ऐनी सिका, जोगिन्दर, विजय कुमार, अजिंदर सिंह, पंजाब किशन मोर्चा के उपाध्यक्ष दविंदर सिंह घुम्मन, पार्षद मनिंदर कौर घुम्मन, मंडलों के प्रधान आकाश गुप्ता,राजेश कश्यप,राकेश जग्गी,विजय दादू,सुकेश कालिया, संदीप पूरी, डा.परमजीत सिंह, अश्वनी मरवाहा, कुशाग्र कश्यप, मंजीत कौर, भाजपा खजांची बॉबी जिंदल, नवल जैन, राजकिशोर लकी, मंडल प्रधानों में जसदेव  तिवारी, तीर्थ तनेजा, भूपिंदर राय, रोम्मी मल्होत्रा, सर्वं तिवारी,मन्नू अरोड़ा, सुरेश मिगलानी, बलविंदर गरचा, प्रार्थना तिवारी, जसवीर कौर, संतोष, परमजीत कौर, क्रांति डोगरा, दीपक गोयल, दलबीर सिंह गिल बंटी, संजीव धीमान, मनोज महन, पंजाब उद्योग प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, संतोष, विजय कुमार, निर्मल सिंह संत, राजेश पांडेय, अमित सूद, सुरिंदर शर्मा, मंडल प्रधानों में पंकज शर्मा, सुरेश अग्रवाल, केवल गर्ग, पार्षद सोनिया शर्मा, कविता, संतोष, आशा शर्मा, सुनीता, कुलदीप सिंह मल्ही, विजय पूरी, बलविंदर सिंह, घ्यान सिंह, पवन भरद्वाज, पवित्र सिंह, सुनील सिंगला, अजय दुबे आदि भाजपा कार्यकर्ता  इस पर्दर्शन में शामिल हुए। क्या अकाली भाजपा सर्कार आने पर शराब का कारोबार रुक जायेगा?

मंगलवार, 10 मार्च 2020

शाहीन बाग़ लुधियाना में नज़र आये होली के रंग तिरंगे के संग

 10th March 2020 at 6:18 PM
सख्तियों और साज़िशों से नहीं रुकेगा यह देशव्यापी आंदोलन 
लुधियाना शाहीन बाग में हाजी सलीम रंगों से बच्चों के चेहरे पर तिरंगा बनाते हुए
लुधियाना: 10 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी ब्यूरो)::
आज लुधियाना में इस आंदोलन का 28वां दिन था। सर्दी, गर्मी, बारिश और ओले। मौसम की हर मार यहां बैठे लोगों ने मुस्कराते हुए झेली। धमकियों और साज़िशों का मुकाबिला भी पूरी तरह शांत रहते हुए सब्र से किया। हर रोज़ अपने  को दोहराया कि हम इस कानून को सहन नहीं करेंगे। नागरिकता देने के प्रावधान तो पहले से ही मौजूद थे यह नया ड्रामा क्यूं?  इस मौके पर शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरार और अन्य वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि भारत सभी धर्म का देश है और सी.ए.ए नफरत फैलाने वाला एक ऐसा कानून है जिसे कबूल नहीं किया जाएगा। आज होली के अवसर पर होली के रंग भी तिरंगे के संग मनाये गए। उल्लेखनीय है कि साम्प्रदायिक लोग यहां गड़बड़ी के संकेत दे चुके हैं और शाहीन बाग़ सतर्क भी है। 
CAA के खिलाफ पंजाब के वाम संगठन भी पूरी तरह सक्रिय
CAA को केंद्र सरकार का काला कानून बताते हुए इसके खिलाफ शहर की दाना मंडी में चल रहे शाहीन बाग प्रदर्शन  लगातार जारी है। आज 28वें दिन भी बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पहुंची। इस अवसर पर विशेष कर हैबोबाल बल्लो की से प्रधान नाजिम सलमानी, शहजाद हुसैन, इरफान, महफूज़ रहमान, आसिफ हुसैन, सलीम, रियाज, लियाकत, मुन्तजिर, असगर सलमानी और जालंधर से नासिर हुसैन, अब्दुल बारी, कय्यूम, मुज़म्मिल सलमानी की अध्यक्षता में काफिले पहुंचे। मंगलवार को शाहीन बाग में होली के त्यौहार के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोगों ने हाजी सलीम जी से अपने चेहरे पर तिरंगे बनवा कर कौमी एकता और भाईचारे का संदेश दिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरार ने कहा कि भारत सर्व धर्म का देश है और सी.ए.ए नफरत फैलाने वाला एक कानून है जिसे कबूल नहीं किया जाएगा।
CAA के खिलाफ पंजाब के वाम संगठन भी पूरी तरह सक्रिय
मुस्तकीम अहरार ने कहा कि आज लुधियाना शाहीन बाग में होली के दिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पहुंच कर आपसी भाईचारे प्यार और मोहब्बत का जो संदेश दिया है उसकी मिसाल नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि सी.ए.ए., एन.पी.आर. और एन.आर.सी के खिलाफ आंदोलन देशव्यापी है इसे सरकारी तंत्र अपनी साजिशों द्वारा रोक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन में रोजाना बड़ी संख्या में पहुंचने वाली मां, बहनें और बेटियां बधाई की पात्र हैं जिन्होंने देश भर के लोगों की नागरिकता बचाने के लिए कमर कसी हुई है। उल्लेखनीय है कि  लगातार शांतिपूर्ण ढंग से जारी इस लोकतान्त्रिक आंदोलन ने केंद्र सरकार और  समर्थकों की नींद उड़ा रखी है।  आने वाले दिनों में इस आंदोलन के रंगरूप में और तेज़ी आने की सम्भावना है।

CAA के खिलाफ पंजाब के वाम संगठन भी पूरी तरह सक्रिय

शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

नहीं रही मेरी मां की मां-दोराहा हुआ बेगाना सा

 दोराहा का नाम लेते ही काटेगी गहरी उदासी
दोराहा (लुधियाना): 8 फरवरी 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::
एक गीत मेरे जन्म से भी बहुत पहले लोकप्रिय हुआ करता था-
नानी  अम्मा नानी अम्मा मान जाओ। 
छोड़ो भी यह गुस्सा 
ज़रा हंस के दिखाओ-
नानी अम्मा नानी अम्मा जाओ। 
लेकिन मेरी मां की मां अर्थात मेरी नानी गोबिंद कौर आज मुझसे हमेशां के लिए रूठ गई। सुबह सुबह पांच बज कर 12 मिनट पर मेरी नानी अम्मा की तबीयत कुछ बिगड़ी और सुबह सुबह 5:30 पर उसने हमेशां के लिए अलविदा कह दी। मौत उनको छीन के लेजा चुकी थी। अनहोनी हो चुकी थी। हम सभी भी दोराहा पहुंचे। उसी घर में जहां से कभी मेरी मां ने शादी के बाद का नया जीवन शुरू करने के लिए विदा ली थी। नानी ने उसे दुल्हन के लिबास में विदा किया था। फिर अचानक 10 जुलाई 2013 को मेरी मां कल्याण कौर सुबह सुबह करीब 3:30 बजे मुझे और मेरी बहन शीबा को हमेशां के लिए छोड़ गई। सुबह सुबह जब लोग भगवान की साधना तपस्या करते  हैं उस समय उसकी तबियत कुछ घबराई थी। उस ने मुझ से पानी ले कर दो घूंट पानी पिया और लेट गईं लेकिन हमेशां की नींद। मुझे यूं लगा था जैसे हम दोनों बहनों के हाथों से हमारा सारा संसार अचानक इतनी गहरी खामोशी से छिन  गया। मौत का मूक और भयावह चेहरा हमने पहली बार इतनी निकटता से देखा था। पापा भी उस समय लैपटॉप पर अपना काम कर रहे थे। हम में से कोई कुछ नहीं कर पाया। हम लुटे लुटे से सब देखते रह गए। उस असहनीय दर्द के समय नानी ने हमें बहुत हौंसला दिया। जब भी मन उदास होता हम दोराहा नानी के घर चले जाते। कुछ देर वहां रह कर ऐसे लगता जैसे मां से मुलाकात हो गई। हम खुश हो कर घर लौट आते। नानी का घर खुशी का घर बन गया था। मां से मुलाकात कराने वाला जादू का घर। आज उसी घर में नानी की मृत देह रखी थी। उदासी का माहौल। मासियां मामियां सब रो रहीं थीं। सब की तरह मैंने भी चादर हटा कर नानी का चेहरा देखा। यूँ लग रहा था जैसे नानी किसी गहरी नींद या गहरी समाधी में हो। दो चार आवाज़ें भी दी लेकिन नानी नहीं बोली। मैंने उस कमरे से बाहर आ कर देखा। आस पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों की भीड़ लगी थी। घर का एक एक कोना मुझे याद दिला रहा था यहां नानी हमें देसी घी के परांठे खिलाया करती थी। इस दीवार की तरफ नानी हमारे लिए खीर बनाया करती थी। उस कोने में नानी अचार से भरा बड़ा सा मर्तबान हमें घर के लिए बांध दिया करती थी। उन दीवारों को देख कर बहुत कुछ याद आया। कभी लगता बस इधर से आएंगे बीजी और कहेंगे कम से कम दो परांठे और खाओ। कभी लगता बीजी अभी अभी कमरे से निकलेंगे और कहेंगे खीर कम क्यों डाली पूरी प्लेट भर कर खाओ। लेकिन किसी न किसी के रोने पर हर बार कल्पना टूट जाती। बार बार हकीकत का भान होता कि अब बीजी कभी नहीं आएंगे। कालेज की पढ़ाई और मां के बिन घर चलाना आसान नहीं होता।  इसलिए मैं चाह कर भी काफी समय से नानी के पास नहीं जा पायी। आज जब चिता जल रही थी  अग्नि में से बीजी का चेहरा नज़र आने लगा। आवाज़ भी सुनाई देती महसूस हुई जैसे कह रहे हों अब आई हो! कुछ पहले आ जाती! 
अफ़सोस हम उस देश में हैं जहां ज़िंदगी के झमेले हमें वक़्त रहते एक दुसरे से मिलने भी नहीं देते। जैसे रोज़ी रोटी के लिए विदेशों में गए लोग भी किस न किसी का देहांत होने के समय अपने बज़ुर्गों के पास नहीं होते उसी तरह हम स्वदेश में रह कर भी छोटे छोटे झमेलों में उलझे रहते हैं। जब तक निकल पाते हैं तब तक बहुत देर हो  चुकी होती है जैसे कि मुझे हो गई। अभी तीन दिन पहले उनसे वीडीओ कॉलिंग पर बात हुई।  वह कमज़ोर तो दिख रहे थे लेकिन ऐसा तो नहीं लगता था कि वह हमेशां  के लिए चले जायेंगे। 
वास्तव में दुःखों का दीमक उन्हें भी बहुत पहले लग चूका था। इसका गम--उसका गम न जाने कितने गम। शायद यही हमारी सभी की नियति बन गई है। हम सभी के साथ भी यही होता है या फिर होने वाला होता है। पूरे परिवार को संभालने और बच्चों को सैट करने में उन्होंने लगातार संघर्ष किया। सभी बच्चों के शादी विवाह और पढ़ाई लिखाई कोई आसान काम नहीं था। उन्होंने उस समय में बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाई जब ज़माने की हवा बेटियों को पढ़ाने के खिलाफ चल रही थी। पूरे समाज के साथ टक्कर ले कर उन्होंने समाज के नव निर्माण में योगदान दिया। मुझे मेरी मां अपनी मां अर्थात मेरी नानी की बहुत सी बातें बताया करती थी। आज वह सभी बातें एक एक करके याद आ रही हैं लेकिन नानी के जाने बाद। काश यह सब पहले याद आ जाता। उनके होते होते याद आ जाता। मौत हमें कितना बेबस कर देती है और न जाने कितना कुछ याद भी दिला देती है। वही आज हम सभी के साथ भी हो रहा है।  
अंत में नानी मां को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए सन 1966 में आई फिल्म दादी मां का लोकप्रिय गीत सुनिए, देखिये और पढ़िए जिसे लिखा था जनाब मजरूह सुल्तानपुरी साहिब ने और संगीत से सजाया था रौशन जी ने। इस यादगारी गीत के लिए आवाज़ें थीं महेंद्र कपूर, मन्ना डे और ऊषा मंगेशकर जी ने। 
उसको नहीं देखा हमने कभी
पर इसकी ज़रुरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग
भगवान की सूरत क्या होगी, क्या होगी
उसको नहीं देखा हमने कभी

इनसान तो क्या देवता भी
आँचल में पले तेरे
है स्वर्ग इसी दुनिया में
क़दमों के तले तेरे
ममता ही लुटाये जिसके नयन
ऐसी कोई मूरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत...

क्यों धूप जलाए दुखों की
क्यों गम की घटा बरसे
ये हाथ दुआओं वाले
रहते हैं सदा सर पे
तू है तो अँधेरे पथ में हमें
सूरज की ज़रुरत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत...

कहते हैं तेरी शान में जो
कोई ऊँचे बोल नहीं
भगवान के पास भी माता
तेरे प्यार का मोल नहीं
हम तो यही जानें तुझसे बड़ी
संसार की दौलत क्या होगी
ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत  से अलग भगवान की सूरत क्या होगी--क्या होगी!
अभी कुछ लिखा नहीं जा रहा। वक़्त गुज़रने के साथ शायद इस सदमे को सहने की कुछ शक्ति मिले। अगली पोस्ट में मां के संघर्षों की चर्चा भी होगी और नानी के संघर्षों की भी। इस लिए नहीं कि वह मेरी मां और नानी हैं बल्कि इसलिए कि समाज को बदलने के लिए भी उन्होंने काफी कुछ किया। आज भी समाज को ऐसी महिलाओं  की सख्त  ज़रूरत है जो बदलाव के काम में योगदान दे सकें।  सह प्रयास--कार्तिका सिंह//शीबा सिंह 

रविवार, 11 मार्च 2018

"किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार"--हरप्रीत कौर प्रीत

हर गरीब बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने में जुटी है प्रीत 
अमृतसर: 11 मार्च 2018: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क टीम)::
जन्मदिन मुबारक 
आज बात करते हैं एक युवा महिला की। मेरा मतलब है लुधियाना की हरप्रीत कौर प्रीत से। हरप्रीत नामधारी सम्प्रदाय से सबंधित है। जीवन में जो कुछ भी बन पायी या बनना चाहती है उसे ठाकुर दलीप सिंह जी की कृपा ही मानती  है।  देखते ही देखते शब्दों की  जादूगरी सीख गयी। मंच से उसकी उसकी आवाज़ सुन कर पाँव ठिठक जाते हैं। उसके मंच संचालन की कला में निखार लगातार जारी है। ठाकुर जी से प्रेरणा पा कर गरीब बच्चों को शिक्षा देना उसका एक मात्र मकसद गया है। घर से कोई अमीर नहीं है।  मध्यवर्गीय परिवार  है लेकिन मकसद बहुत बड़ा शुरू कर लिया। नियत साफ थी-मकसद नेक था और दिल में हिम्मत भी थी। कदम कदम पर सफलता मिलती चली गयी। शेख फरीद जी कहते हैं: अणहोंदे आप वन्डाये-को ऐसा भक्त सदाए। हरप्रीत कौर प्रीत पर इस कथन को सच होते देखा। मन की यह अवस्था सभी के नसीब में नहीं होती। अपनी रोटी की थाली किसी को दे देनी। अपनी शर्ट या जैकेट उतार कर किसी को दे देनी। अपने घर के राशन की चिंता भूल कर किसीके घर का चूल्हा जलाना। सचमुच उस पर कोई रूहानी कृपा है। उसके अंदर की संवेदना उसे चैन नहीं लेने देती। यही सोचती है--किसी का दर्द मिल सके मिल सके तो ले उधार----बेटे का जन्म दिन आया तो सभी से पूछा बताओ  इसे कैसे मनाएं जिससे उसे भी ख़ुशी मिले और साथ ही उसे दुआएं भी मिलें। मुझे उसका सवाल बहुत अच्छा लगा। मैं खुद भी अपना जन्मदिन मनाने में कोई रुचि नहीं रखता।  आकाशवाणी जालंधर में हरभजन सिंह बटालवी हुआ करते थे। बहुत ही नेक इंसान।  साहित्यकार भी थे। एक दिन मैंने कहा चलो आज आपका जन्मदिन है--कहीं चल कर मनाते हैं।  कहने लगे मैं इस तरह नहीं मनाता। फिर उन्होंने एक लम्बी कहानी सुनाई और कहा मैं तो बस इतना ही करता हूं कि कम से कम एक बुरी आदत छोड़ दूं  और एक अच्छी आदत अपना लूं।  पिछले कुछ वर्षों में मैंने बहुत सी बुरी आदतों से छुटकारा पाया है।
अब जब हरप्रीत कौर प्रीत ने अपने बेटे के जन्मदिन को कैसे मनाया जाये का सवाल उठाया तो बहुत कुछ याद आने लगा। महसूस हुआ-शायद बहुत कम लोग ऐसा सोच पाते हैं। निरथर्क किस्म की मस्ती हमारे समाज और लाईफ स्टाईल का हिस्सा बन चुकी है। यह मदहोशी भरी मस्ती हमें कुछ काम की बात सोचने भी नहीं देती। 
जन्मदिन की बात के इस शुभ अवसर पर याद आरही हैं एक और गीत की पंक्तियाँ।
कुछ पाकर खोना है, 
कुछ खोकर पाना है 
जीवन का मतलब तो, 
आना और जाना है----
दो पल के जीवन से, एक उम्र चुरानी है..... 
मुझे लगता है हर जन्मदिन पर हमें खुद भी खुद को समझना चाहिए और दूसरों को भी समझाना चाहिए कि उम्र का एक वर्ष और कम हुआ लेकिन अनुभवों का एक नया अध्याय भी जीवन में जुड़ गया। आओ अनुभव की इस पूंजी को पाकर दो पल के जीवन से उम्र को चुराना सीखें। 

गुरुवार, 14 मई 2015

CPI ਨੇ ਫਿਰ ਦਿਖਾਇਆ ਲਾਲ ਝੰਡੇ ਦਾ ਉਹੀ ਪੁਰਾਣਾ ਜਲਵਾ ਅਤੇ ਜੋਸ਼

ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਆਰਡੀਨੈੰਸ ਵਿਰੁੱਧ ਹਰ ਥਾਂ ਹੋਇਆ ਜ਼ੋਰਦਾਰ ਸਤਿਆਗ੍ਰਹਿ

ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਨਾਮ ਹੇਠ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਖੁਰਾਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਲਈ ਵੀ ਖਤਰਾ
ਲੁਧਿਆਣਾ:  14 ਮਈ 2015: (ਪੰਜਾਬ ਸਕਰੀਨ ਬਿਊਰੋ):

ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਐਕਟ 2013 ਦੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਬੇਅਸਰ ਕਰਕੇ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਆਰਡੀਨੈਂਸ-2015 ਦੇ ਰਾਹੀਂ ਤਰੱਕੀ ਦੇ ਨਾਮ ਤੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਜ਼ਮੀਨ ਖੋਹਣ ਦੇ ਚਾਲਬਾਜ਼ ਯਤਨ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ| ਇਹ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਪਹਿਲੇ ਐਕਟ ਦੀਆਂ ਉਹਨਾਂ ਸਾਰੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਜ਼ਰ ਅੰਦਾਜ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਸੀ ਕਿ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਲਈ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਭਰੋਸੇ ਵਿੱਚ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ| ਇਹ ਵਿਚਾਰ ਭਾ ਕ ਪਾ ਜ਼ਿਲਾ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਸਕੱਤਰ ਕਾ: ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਬੁਆਣੀ ਵਲੋਂ ਭੌਂ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਕੌਮ ਵਿਆਪੀ ਸਤਿਆਗ੍ਰਹਿ ਦੇ ਮੌਕੇ ਕੀਤੀ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਬੋਲਦੇ ਹੋਏ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤੇ|  Tਹਨਾਂ ਨੇ ਅੱਗੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬੜੇ ਸੰਘਰਸ਼ਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬਰਤਾਨਵੀ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਐਕਟ-1894 ਦੀਆਂ ਲੋਕ ਮਾਰੂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਵਾ ਕੇ 2013 ਦਾ ਐਕਟ ਬਣਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ| ਇਸ ਐਕਟ ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ ਬਹੁ-ਫ਼ਸਲੀ ਅਤੇ ਸਿੰਜਾਈ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਤੇ ਪਾਬੰਦੀ ਹੈ ਕਿTਂਕਿ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਰਨ ਨਾਲ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਨੂੰ ਖਤਰਾ ਪੈਦਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ| ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਜ਼ਮੀਨ ਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਪੇਸ਼ਗੀ ਮੁਆਵਜਾ ਅਦਾ ਕੀਤਾ ਜਾਣਾ ਸੀ| ਇਸ ਐਕਟ ਦੇ ਮੁਤਾਬਕ ਕਿਸੇ ਵੀ ਪ੍ਰੌਜੇਕੇਟ ਲਈ ਘਟੋ ਘੱਟ ਲੋੜੀਂਦੀ ਜ਼ਮੀਨ ਲਈ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜੇ ਜ਼ਮੀਨ ਬਚ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਬਿਨਾਂ ਵਰਤੀ ਹੋਈ ਜ਼ਮੀਨ ਉਸਦੇ ਮਾਲਕਾਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ| ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਪਰੀਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਮੁਆਵਜ਼ਾ ਦੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਤੇ Tਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮੁੜ ਵਸੇਬੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਜ਼ਮੀਨ ਦਾ ਕਬਜ਼ਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ| 
ਡਾ: ਅਰੁਣ ਮਿੱਤਰਾ, ਸਹਾਇਕ ਸਕੱਤਰ  ਨੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਹਾਰਾਸ਼ਟਰ ਵਿੱਚ 85000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਭੌਂ-ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਵਿਚੋਂ 15000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਅਤੇ ਮੱਧਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤੀ 45000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਭੌਂ ਵਿਚੋਂ 21000 ਹੈਕਟੇਅਰ ਅਣਵਰਤੀ ਪਈ ਹੈ| ਇਹੀ ਸਥਿੱਤੀ ਹੋਰ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ ਵੀ ਹੈ| ਇਸ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ| ਇਥੋਂ ਤੱਕ ਕਿ ਕੈਗ (ਦੇਸ਼ ਦੇ ਪ੍ਰਮੱਖ ਆਡੀਟਰ ਜਨਰਲ-ਮਹਾ ਲੇਖਾਕਾਰ) ਨੇ ਵੀ ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਇਸ਼ਾਰਾ ਕੀਤਾ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਰਾਹੀਂ ਪੇਂਡੂ ਵਸੋਂ ਤੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀ ਦੌਲਤ ਖੋਹ ਕੇ ਕਾਰਪੋਰੇਟ ਜਗਤ ਨੂੰ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ| 
ਕਾ: ਡੀ ਪੀ ਮੌੜ, ਸਹਾਇਕ ਸਕੱਤਰ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਲੇਸ਼ਣ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਰੇਲਵੇ ਟਰੈਕ ਅਤੇ ਸੜਕਾਂ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਪਾਸੇ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਮੀਟਰ ਤੱਕ ਭੌਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵਾਹੀਯੋਗ 35% ਜ਼ਮੀਨ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਲਈ ਜਾਵੇਗੀ ਜਿਸ ਨਾਲ 28 ਕਰੋੜ ਲੋਕ ਉੱਜੜ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਸਾਡੇ ਖੇਤੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਖੁਰਾਕ ਸੁੱਰਖਿਆ ਦਾ ਸੰਕਟ ਪੈਦਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ| 

ਕਾ: ਰਮੇਸ਼ ਰਤਨ, ਸ਼ਹਿਰੀ ਸਕੱਤਰ  ਨੇ ਬੋਲਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸੰਨ 2013 ਦੇ ਐਕਟ ਅਨੁਸਾਰ ਭੌਂ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਦੇ ਸਮਾਜਿਕ ਅਸਰ ਦਾ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਵੀ ਲਗਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ| ਪਰ ਮੌਜੂਦਾ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਇਸ ਐਕਟ ਦੀਆਂ ਬੁਹਤ ਸਾਰੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਬੇਅਸਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਬ੍ਰਿਟਿਸ਼ ਸਰਕਾਰ ਨੇ1894 ਦੇ ਐਕਟ ਵਾਂਗੂ ਹੀ ਜਾਲਸਾਨਾਂ ਹੈ| 
ਕਾ: ਗੁਲਜ਼ਾਰ ਸਿੰਘ ਗੋਰੀਆ, ਮੈਂਬਰ ਸੂਬਾ ਐਗਜ਼ੈਕਟਿਵ  ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਹ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਸਮਾਜਿਕ ਅਸਰ ਦੇ ਅੰਦਾਜ਼ੇ ਦੀਆਂ ਧਾਰਾਵਾਂ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਜ਼ਰ ਅੰਦਾਜ਼ ਕਰਦਾ ਹੈ| ਇਹ ਬਹੁ-ਫ਼ਸਲੀ , ਸਿੰਜਾਈ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਦੀ ਇਜ਼ਾਜ਼ਤ ਦਿੰਦਾ ਹੈ| ਇਸ ਆਰਡੀਨੈਂਸ ਨੂੰ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕੰਪਨੀਆਂ ਅਤੇ ਭੌਂ-ਮਾਫ਼ੀਆ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਵੇਗਾ| ਇਸਦ| ਨਾਲ ਨਾਂ ਕੇਵਲ ਕਿਸਾਨੀ ਦਾ ਉਜਾੜਾ ਹੋਵੇਗਾ ਬਲਕਿ ਖੇਤੀ ਕਿੱਤੇ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀਆਂ – ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਖੇਤ ਮਜ਼ਦੂਰਾਂ ਤੇ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪਏਗਾ| 
ਕਾ: ਭਰਪੂਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਕਿਸਾਨ ਵਿਰੋਧੀ ਨੀਤੀ ਇਸ ਗੱਲ ਤੋਂ ਸਾਫ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕਿ ਹਾਲੇ ਵੀ 60 ਪ੍ਰਤੀਸਤ ਕਣਕ ਮੰਡੀਆਂ ਵਿੱਚ ਰੁਲਦੀ ਫਿਰਦੀ ਹੇ|
ਹੋਰਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਕਾ: ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੰਘ ਗਿੱਲ, ਕਾ: ਅਵਤਾਰ ਗਿੱਲ, ਕਾ: ਸੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜਲਾਲਦੀਵਾਲ, ਕਾ: ਓ ਪੀ ਮਹਿਤਾ, ਡਾ: ਗੁਲਜਾਰ ਸਿੰਘ,  ਕਾ. ਗੁਰਨਾਮ ਸਿੱਧੂ, ਕਾ: ਰਣਧੀਰ ਸਿੰਘ ਧੀਰਾ, ਕਾ: ਰਾਮਾਧਾਰ ਸਿੰਘ, ਕਾ: ਆਨੋਦ ਕੁਮਾਰ, ਕਾ: ਫਿਰੋਜ਼ ਮਾਸਟਰ, ਕਾ: ਇਸਮਾਈਲ, ਕਾ: ਰਾਮਚੰਦਰ, ਕਾ: ਕਾਮੇਸਵਰ, ਕਾ: ਮੇਵਾ ਸਿੰਘ, ਮਨਜੀਤ ਬੂਟਾ, ਨਗੀਨਾ  ਆਦਿ ਨੇ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਦਿੱਤੇ| 
ਰੈਲੀ ਉਪਰੰਤ ਸ਼ਹੀਦ ਕਰਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸਰਾਭਾ ਦੇ ਬੁੱਤ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਮਿੰਨੀ ਸਕੱਤਰੇਤ ਤੱਕ  ਜਲੂਸ ਕੱਢਿਆ ਗਿਆ ਅਤੇ ਗਿਰਫ਼ਤਾਰੀ ਲਈ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ| 

शनिवार, 13 दिसंबर 2014

It was a wedding festival at Park Plaza

Gold plated iphone and wrist watches allured Ludhianvies

Ludhiana: December 13 2014: (Rector Kathuria/Punjab Screen)  
Day started with rain but failed to curb tho mob going to Park Plaza. Peoples were rushing to see and participate in wedding expo.  Two-day premium wedding and lifestyle exhibition ‘Cocktail’ is being considered as a big opportunity to collect the all required under one roof. All items were available and attractive.
After stealing the hearts of many in Chandigarh, Zaira Diamond is all set to allure Ludhianavis with its enticing range of gold plated and diamond studded iPhone 6. The entire range of gold plated and diamond studded iphones is being showcased at the two-day premium wedding and lifestyle exhibition ‘Cocktail’ which kicked-off today at hotel Park Plaza today. The well-known industrialist BC Nagpal of Ludhiana and Punjabi film Actor, Hektor Sandhu inaugurated the expo. They also reached at the stall of the most trusted brand in Jewellery, Zaira Diamond which presented the entire range of iphones.
According to Manoj Jain, Director, Zaira Diamond, “Ludhiana is known for its entrepreneurial spirit and people of this city crave for luxurious gadgets. To satiate this demand, we have brought special gold plated and diamond studded iphones here. The cost of these phones will vary between Rs 1.5 Lakh to 4 Lakh. Also, the price of the phone will depend on the quality and quantity of the diamonds studded on it”
These phones are going to be a sure shot catch for the buyers as they make for a unique, ‘expensive’ and nothing less than an investment object. The exhibition promises to bring luxury and lifestyle items under one roof. Zaira will also showcase exclusive range of diamond studded Swiss watches of worth Rs 2 lakh to 10 Lakh are some of the unique features of this two-day exhibition. 
The entire Zaira Jewellery comes with an IGI mark and has Hallmark certification, which makes it the most-trusted brand. The brand has come a long way since its beginnings in 2010 with establishing Zaira’s first exclusive outlet in Chandigarh. Currently, the company is running thirteen stores across India and has a plan to take the tally to 40 stores by the end of 2015.
The exhibition has the best of luxury and lifestyle items including, a good variety of wedding stuff on display. The other items from Zaira brand that you can look out for at the exhibition are, Italian- designed rings and bands for men and women, ring- cum- pendants, pendant cum necklace and cocktail rings to name a few. The exhibition boats to be a grand affair that will leave you with dazzling choices to pick from.