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रविवार, 25 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त किया

प्रविष्टि तिथि: 25 JAN 2026 at 7:11 PM by PIB Delhi

नई दिल्ली: 25 जनवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली// इनपुट-पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क)

देश और पंजाब ने बहुत बार गंभीर और नाज़ुक दौर का सामना किया। ब्ल्यू स्टारआपरेशन की बात हो या फिर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या का वो दिन या फिर भोपाल गैस ट्रेजडी का बेहद दुखद समय - -बीबीसी के वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली आम जनता के लिए रेडियो ले ज़रिए एक नेहड़ विश्वसनीय आवाज़ बन कर सामने आते रहे। मार्क टली (90) और सतीश जैकब बीबीसी (BBC) के दिग्गज पत्रकार थे, जिन्होंने दशकों तक भारत की प्रमुख खबरों को कवर किया। टली 20 साल तक बीबीसी दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख रहे, जबकि जैकब उनके सहायक और करीबी दोस्त थे। दोनों ने मिलकर ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी की हत्या और भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटनाओं की रिपोर्टिंग की। 


इंटरनेट से साभार ली गई यह वीडियो मार्क टली के जीवन और पत्रकारिता के बारे में एक संक्षिप्त विवरण प्रदान करता है।  वास्तव में मार्क टली अपने आप में एक युग थे। जिन्होंने बहुत से उतरावों चढ़ावों वाले घटनाक्रम की बहुत ही निष्पक्ष रिपोर्टिंग की। 

गौरतलब है कि मार्क टली (Mark Tully): कोलकाता में जन्मे ब्रिटिश पत्रकार थे, जिन्हें 2002 में नाइटहुड और 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित भी किया गया। आम लोगों में उनकी लोकप्रियता भी किसी सम्मान से कम नहीं थी। देश के पत्रकार और आम लोग भी उनसे पल भर को मिलना बहुत गर्व की बात समझते थे। उनकी शख्सियत में एक आकर्षण शक्ति सी भी महसूस होती थी। 

इसी तरह उनके सहयोगी सतीश जैकब (Satish Jacob) भी बीबीसी के साथ लंबे समय तक काम करने वाले वरिष्ठ पत्रकार, बने जिन्होंने 1978 में मार्क टली के साथ काम शुरू किया और बाद में बीबीसी दिल्ली के डिप्टी ब्यूरो प्रमुख के रूप में सेवानिवृत्त हुए। उनका भी अपना एक अलग सा ही अंदाज़ था। खबरों की दुनिया में जब भी कोई बड़ी घटना या दुर्घटना की रिपोर्टिंग होती तो यह जोड़ी बहुत ही सलीके से समुचित रिपोर्टिंग करती। बहुत नपे तुले से शब्द और बहुत ही संतुलित सा सुर और तेवर उनकी खबर को निष्पक्ष बना देते थे।  

पंजाब के हालात देखें तो अतीत का बहुत कुछ याद आने लगता है। जून-1984 में हुए ब्ल्यू स्टार ऑपरेशन के बाद की स्थिति भी कम नाज़ुक नहीं थी। तनाव, सहम, सनसनी और आतंक का मिलाजुला माहौल था। सेना के इस एक्शन के परिणामस्वरूप प्रतिक्रिया बहुत तेज़ी से उभरने लगी थी। हर दिन इसका रुख तीखा भी होता जा रहा था। कहलसितां समर्थक ग्रुप सख्तियों के बावजूद अपनी मौजूदगी का अहसास कराने लगे थे।  

इसी बीच उस पुस्तक के प्रकाशन की भूमिका भी तैयार हो रही थी जो मार्क तली और सतीश जैकब ने मिलकर लिखी। इस प्रमुख पुस्तक ने भी बहुत ख्याति अर्जित की। दोनों ने मिलकर जो यह पुस्तक लिखी उसका नाम था: अमृतसर: मिसेज गांधीज़ लास्ट बैटल (Amritsar: Mrs. Gandhi's Last Battle) यह पुस्तक ऑपरेशन ब्लू स्टार पर एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ मानी जाती है। इस पुस्तक में बहुत कुछ नया और महत्वपूर्ण था। इसकी बिक्री भी रेकॉर्डतोड़ रही। बाद में इसके अनुवाद भी सामने आए।  

मार्क टली और सतीश जैकब के कलम की कार्यशैली भी कमाल की रही। दोनों ने निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए उल्लेखनीय ख्याति प्राप्त की, विशेषकर भारत में बीबीसी की विश्वसनीय आवाज़ के रूप में उनका काफी नाम हुआ। पंजाब के बहुत से पत्रकार मार्क तली और सतीश जैकब बनने के सा [ ने भी देखने लगे। इन नवोदित पत्रकारों ने केवल सपने नहीं देखे बल्कि कोशिशें भी की। बीबीसी ने इनमें से कइयों को मौका भी दिया। पंजाब से आजकल कई पत्रकार इस सपने साकार करने में कामयाब भी हुए। 

मार्क टली के निधन की हालिया खबर बहुत दुःख से सुनी गई। वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का जनवरी 2026 में नई दिल्ली में निधन हो गया, जिसकी पुष्टि सतीश जैकब ने की। उनका निधन बहुत से भारतीय पत्रकारों के लिए भी दुःख की लहर लेकर आया। इसी बीच सतीश जैकब ने मार्क टली को एक असाधारण पत्रकार और सच्चा दोस्त बताया है, जिन्होंने भारत के प्रति अटूट लगाव के साथ पत्रकारिता की। और भी  बहुत से लोगों और संगठनों ने उनके देहांत पर गहरा दुःख व्यक्त किया। 

प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सर मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पत्रकारिता जगत की एक प्रभावशाली आवाज रहे सर मार्क टली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर मार्क टली का भारत और यहां के लोगों से गहरा जुड़ाव उनके कार्यों में स्पष्ट रूप से झलकता था। उन्होंने कहा कि सर मार्क की रिपोर्टिंग और उनके दृष्टिकोण ने सार्वजनिक विमर्श पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

प्रधानमंत्री ने सर मार्क टली के शोक संतप्त परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

प्रधानमंत्री ने एक्स (X) पर लिखा:

“पत्रकारिता की एक प्रभावशाली आवाज़ रहे सर मार्क टली के निधन से दुखी हूं। भारत और हमारे देश के लोगों के प्रति उनके गहरे जुड़ाव की झलक उनके कार्यों में देखने को मिलती थी। उनकी रिपोर्टिंग और उनके विचारों ने सार्वजनिक विमर्श पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।”

पीके/केसी/केजे/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2218636)


सोमवार, 21 जून 2021

पूरे भारत में 75 विरासत स्थलों पर आयोजित हुए योग कार्यक्रम

 21-जून-2021 13:04 IST

'योग, एक भारतीय विरासत' के अंतर्गत चला विशेष अभियान 

श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने युवाओं से स्वस्थ और खुशहाल भविष्य के लिए योग को अपनाने का आग्रह किया


नई दिल्ली
: 21 जून 2021: (पीआईबी//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::

संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में संस्कृति और पर्यटन मंत्रालयों के अधिकारियों,योग विशेषज्ञों और योग प्रशंसकों के साथ योग किया। केंद्रीय मंत्री "योग, एक भारतीय विरासत" अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। यह कार्यक्रम 75 सांस्कृतिक विरासत स्थलों पर आयोजित किया गया था, जिसमें स्वतंत्रता के 75 वर्ष मनाने के उपलक्ष्य में मंत्रालय के सभी संस्थानों/निकायों की सक्रिय भागीदारी थी। वर्तमान महामारी की स्थिति को देखते हुएयोग के लिए भाग लेने वालों की संख्या प्रत्येक स्थल पर 20 तक सीमित थी। योग प्रदर्शन से पहले केंद्रीय मंत्री और कार्यक्रम में शामिल लोगों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा।

लाल किले पर योग समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि योग हमारी सबसे बड़ी धरोहर है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है कि उन्होंने इस आरोग्य मंत्र को पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनायाहै। परिणामस्वरूप आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाता है और लोगों ने इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बना लिया है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव के तहत अंतर्राष्ट्रीययोग दिवस 2021 मनाया जा रहा है। इसी के अनुसार संस्कृति मंत्रालय ने देश भर में 75 विरासत स्थलों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए हैं। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ और खुशहाल भविष्य का आनंद लेने के लिए अपने जीवन में योग को अपनाने का आग्रह किया।

श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि आज दुनिया को एमयोग ऐप मिल रहा है, जिसमें कई भाषाओं में सामान्य योग प्रोटोकॉल पर आधारित योग प्रशिक्षण के अनेक वीडियो उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि एमयोग ऐप निश्चित रूप से विश्व के सभी लोगों को स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने में सहायक होगा।

आचार्य प्रतिष्ठा के मार्गदर्शन में लाल किले पर योग प्रोटोकॉल प्रदर्शन किया गया। भारत सरकार के सचिव (संस्कृति) श्री राघवेन्द्र सिंह, भारत सरकार के सचिव (पर्यटन) श्री अरविंद सिंह और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस योग अभियान में शामिल हुए।

संस्कृति मंत्रालय ने एलोरा गुफा (औरंगाबाद), नालंदा (बिहार), साबरमती आश्रम (गुजरात), हम्पी (कर्नाटक), लद्दाख शांति स्तूप (लेह), सांची स्तूप (विदिशा), शीश महल (पटियाला), राजीव लोचन मंदिर (छत्तीसगढ़), बोमडिला (अरुणाचल प्रदेश) जैसे विरासत स्थलों पर योग और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए।

शीश महल, पटियाला के योग कैंप का दृश्य देखने वाला था। शाही शहर में योग का जलवा भी अलग सी छटा बिखेर रहा था। कभी किसी ज़माने में क्रिकेट को भारतीय आसमान पर ले जाने वाला पटियाला अब भारतीय योग को बुलंदियों पर लेजाने में योगदान दे रहा था। 

वारंगल के वारंगल किला में लगा योग शिविर भी कमाल का रहा। कभी नक्सलवाद का गढ़ रहे वारंगल में योग की शांति एक नया इतिहास रच रही थी। अंतर्मन की कलह और बेचैनी के आतंक को नियंत्रित करने के भी अशोक उपाय बता रहा था आज का योग शिविर।  

एलोरा गुफा,एलोरा,औरंगाबाद में पहले पहल केवल गुफाओं का नाम था। ये गुफाएं भी गहरे योग के बिना कुछ समझा पाने में सफल नहीं रहती। इन गुफाओं में बनी ,मूर्तियां क्या संदेश देती हैं इसे गहरे योग के ध्यान से ही समझा जा सकता है। ाजका का योग शिविर इस मकसद से भी सफलता पूर्वक ज्ञान दे रहा था। 

गंगईकोंडा चोलापुरम, बोमडिला(अरुणाचल प्रदेश), राजीव लोचन मंदिर,छत्तीसगढ़ और हम्पी सर्किल में लगे योग शिविर भी पूरी तरह सफल रहे। 

शनिवार, 27 जून 2020

दुनिया में जुर्मों का आतंक-भारत फिर भी दिव्य-ठाकुर दलीप सिंह

ब्रिटेन में प्रेमिका की हत्या करके 15 महीने तक बेडरूम में रखा शव 
 शव की बदबू छुपाने के लिए छिड़कता रहा सेंट और परफ्यूम 
नामधारी विश्व: 26 जून 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी ब्यूरो)::
विकास के दावे करने और सुनने तो बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन उनकी वास्तविकता देखें तो रौंगटे खड़े हो जाते हैं। मामला  है ब्रिटेन जैसे अत्याधुनिक और विकसित  देश का। ब्रिटेन में प्रेमिका की हत्या करके उसके शव को 15  महीने तक बैडरूम में छुपाए रखने का घृणित और सनसनीखेज़ खुलासा हुआ है। इस तरह की जघन्य हत्यायों के मुकबिलों में भारत आज भी मानवीय और दिव्य सिद्धांतों पर खड़ा है। अंधेरी रात में भारत ही रौशनी दिखा रहा है। 
हाल ही में चर्चित हुए विवरण के मुताबिक ब्रिटेन के मेनचेस्टर में एक बहुत ही अजीब व हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक शख्स ने अपनी ही प्रेमिका का बेरहमी से कत्ल कर दिया। नामधारी सम्प्रदाय के सूत्रों ने बताया कि हिंदुस्तान डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक 45 वर्षीय कॉलिन रीडे नामक एक सनकी प्रेमी ने अपने से एक वर्ष छोटी अर्थात 44 वर्षीय प्रेमिका की हत्या करके उसके शव को बैडरूम की अलमारी में छुपा दिया। बात एक दो दिन की नहीं थी। यह शव उसने 15 महीने तक उसी अलमारी में छुपाए रखा। जब उस शव से बदबू उठने लगी तो उसे कुछ चिंता हुई। तब उसने शव की बदबू को रोकने के लिए रूम फ्रेशनर और इत्र का इस्तेमाल करता रहा। 
बदबू इसके बावजूद भी न रुकी। हवा के ज़रिये किसी न किसी मात्रा में यह बदबू बाहर निकलने लगी। धीरे धीरे इसकी मात्रा भी बढ़ने लगी। इस पर आस पड़ोस में भी चर्चा होने लगी।   जब भी कभी आस पड़ोस वाले पूछते तो वह जवाब में उसी फ्लैट में रहने वाले किरायेदारों को कोसता। वह किसी न किसी तरह इन किराएदारों को ही इस बदबू के लिए ज़िम्मेदार ठहराता।
यहाँ इस सारी घटना का संक्षिप्त सा ज़िक्र केवल इस लिए किआ गया है तांकि उन लोगों की आँखें खुल सकें जो हर बात-बे-बात पर अपने ही देश भारत को कोसने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहते। 
ब्रिटेन की यह घटना बताती है कि जिन लोगों को हम न जाने कितना आधुनिक और विकसित समझते हैं वे वास्तव किस स्थिति में हैं? वहां किस तरह के पतन की घटनाएं घटित हो रही हैं। इस तरह के तथाकथित विकास के आधार पर खुद को विकसित कहलाने वाले देशों के लोगो तो धर्म कर्म के साथ साथ इंसानियत को भी भूलते जा रहे हैं। ज़रा सा वैचारिक मतभेद और वे लोग सामने वाली की जान लेते हैं।  
इसके विपरीत आज भी भारत में मानवता और संवेदना ज़िंदा है। लोग एक दुसरे का ध्यान रखते हैं। खुद का खाना उठा कर दूसरों को दे देते हैं। यह सब इसी लिए हो पता है क्यूंकि भारत के लोग धर्म पर आधारित शैली में जीवन जीते हैं। इसी लिए इनके जीवन जीने के अंदाज़ में मानवीय जीवन का अभी भी बहुत मूल्य है। जो लोग जीवन के महत्व को संहते होते हैं वे लोग कभी भी किसी दुसरे को नुक्सान नहीं पहुंचाते। 
नामधारी सदगुरु ठाकुर दलीप सिंह कहते हैं इन सब बातों के कारण ही मेरे लिए भारत अभी भी एक महान देश है। सारी दुनिया से अलग और महान जिस पर मुझे गर्व है। ठाकुर जी के शब्दों को सुन कर एक पुराना गीत अनायास ही याद आ गया--
है प्रीत जहाँ की रीत सदा

मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
भारत का रहनेवाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ

सोमवार, 3 मार्च 2014

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वे कहाँ हैं

वह गीत जिस के साथ शुरू हुआ सत्ता और साहिर का टकराव 

बहुत से पुराने लोग बताया करते थे जब जनाब साहिर लुधियानवी ने मंच पर इस गीत को प्रस्तुत किया तो वहाँ उस समय के प्रधानमंत्री पंडित नेहरू भी मौजूद थे। उन्होंने इस गीत की कड़वी हकीकत को खुद पर आघात समझा और साहिर से नाराज़ हो गए। जब यह गीत फ़िल्म प्यासा में शामिल किया गया तो इस की मुख्य पंक्ति स्नखाने-तक़दीसे मशरिक कहाँ है को बदल कर कुछ आसान कर दिया गया----जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वे कहाँ हैं---आज भी इस गीत का सच अंतर्मन को हिला देता है---और सवाल उठने लगता है हम किस भारत को महान कहे जा रहे हैं---अगर महानता के इस दावे में आज़ादी के इतने बरसों के बाद भी वह सब शामिल है जो इस गीत में है तो मुझे इस महानता की बात कहते हुए शर्म आती है---!
                                                                -रेकटर कथूरिया //पंजाब स्क्रीन//098882 72025)
05-09-2011 को अपलोड किया गया
First time saw this movie on Doordarshan tv in 1977 and same day theives tried to break in our house. How can I forget these two things in my life. Introduction of Guru Dutt to my filmi knowledge was very new and surpiring to me. And this masterpiece took top spot on my best movies chart.

सोमवार, 18 नवंबर 2013

ताज़ा खबरों पर एक नज़र//News Top 20//राष्‍ट्रपति लुधियाना जायेंगे

18-नवंबर-2013 20:02 IST
राष्‍ट्रपति 20 को लुधियाना में
नई दिल्ली: 18 नवंबर 2013: राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी 20 नवम्‍बर को लुधियाना, पंजाब आ रहे हैं। माननीय राष्ट्रपति यहां भारतीय वायु सेना के 220 स्‍क्‍वाड्रन और 32 स्‍क्‍वाड्रन को ध्‍वज प्रदान करेंगे। 

18-11-2013 पर प्रकाशित
Courtesy: INBMINISTRY//YouTube

रविवार, 17 नवंबर 2013

Significance of Bharat Ratna: India's highest civilian award


16-11-2013 पर प्रकाशित
Bharat Ratna (Jewel of India) is the Republic of India's highest civilian award, for performance of highest order in any field of human endeavour. Any person without distinction of race, occupation, position or sex is eligible for the award. The recommendations for Bharat Ratna are to be made by the Prime Minister of India to the President of India.

गुरुवार, 31 अक्टूबर 2013

The Naxalites_Part1-Mithun, Smita Patel classic

ख्वाज़ा अहमद अब्बास की  कहानी पर आधारित एक ऐतिहासिक फ़िल्म जिसने इसके कई पहलू दिखाए 
Uploaded on Aug 20, 2008
THE NAXALITES (MERA INQUILAB) LAND OF DEPRIVED AND DISPOSSESSED Producer/Director: K.A Abbas Music: Prem Dhawan Officially Release: 1980 Language: Hindi and Bengali Cast:  Mithun Chakraborty, Smita Patil, Nana Palisker Jalal Agha, Tinu Anand, Dina Pathak, Imtiaz khan, Dilip Raj Pinchoo Kapoor, Yunus Parvez, Jawaharlal Kaur To read the full review visit the link: http://www.maadhukari.com/misc/the-na...

The Story of 31st October-3rd November 1984 (Delhi)


Uploaded on Oct 30, 2011
This video briefly shows what happend from 31st of October 1984 to the 3rd of November 1984 in India Delhi.

31 october 1984 at 8:00PM, First news of assassination of indira gandhi ...