शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2013

पंख होते तो उड़ आती रे//राग भोपाली

गीतकार : हसरत जयपुरी, गायक : लता मंगेशकर, संगीतकार : रामलाल, फिल्म: सेहरा-1963 

Published on Apr 27, 2012
SEHRA (1963)
PRASHANT, SANDHYA, MUMTAZ, ULHAS, BABLOO,
LALITA PAWAR, M. RAJAN, MANMOHAN KRISHAN
Produced By: SHANTARAM PROD.
Directed By: V. SHANTARAM
Music By: RAMLAL
पंख होते तो उड़ आती रे, रसिया ओ जालिमा
तुझे दिल का दाग दिखलाती रे

यादों में खोई पहुची गगन मे, पंछी बन के सच्ची लगन में
दूर से देखा, मौसम हसी था, आनेवाले तू ही नहीं था
रसिया, ओ जालिमा, तुझे दिल का दाग दिखलाती रे

किरने बन के बाहे फैलायी, आस के बादल पे जा के लहरायी
झूल चूकी मैं वादे का झूला, तू तो अपना वादा भी भूला
रसिया, ओ जालिमा, तुझे दिल का दाग दिखलाती रे

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