शनिवार, 27 जून 2020

दुनिया में जुर्मों का आतंक-भारत फिर भी दिव्य-ठाकुर दलीप सिंह

ब्रिटेन में प्रेमिका की हत्या करके 15 महीने तक बेडरूम में रखा शव 
 शव की बदबू छुपाने के लिए छिड़कता रहा सेंट और परफ्यूम 
नामधारी विश्व: 26 जून 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी ब्यूरो)::
विकास के दावे करने और सुनने तो बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन उनकी वास्तविकता देखें तो रौंगटे खड़े हो जाते हैं। मामला  है ब्रिटेन जैसे अत्याधुनिक और विकसित  देश का। ब्रिटेन में प्रेमिका की हत्या करके उसके शव को 15  महीने तक बैडरूम में छुपाए रखने का घृणित और सनसनीखेज़ खुलासा हुआ है। इस तरह की जघन्य हत्यायों के मुकबिलों में भारत आज भी मानवीय और दिव्य सिद्धांतों पर खड़ा है। अंधेरी रात में भारत ही रौशनी दिखा रहा है। 
हाल ही में चर्चित हुए विवरण के मुताबिक ब्रिटेन के मेनचेस्टर में एक बहुत ही अजीब व हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां एक शख्स ने अपनी ही प्रेमिका का बेरहमी से कत्ल कर दिया। नामधारी सम्प्रदाय के सूत्रों ने बताया कि हिंदुस्तान डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक 45 वर्षीय कॉलिन रीडे नामक एक सनकी प्रेमी ने अपने से एक वर्ष छोटी अर्थात 44 वर्षीय प्रेमिका की हत्या करके उसके शव को बैडरूम की अलमारी में छुपा दिया। बात एक दो दिन की नहीं थी। यह शव उसने 15 महीने तक उसी अलमारी में छुपाए रखा। जब उस शव से बदबू उठने लगी तो उसे कुछ चिंता हुई। तब उसने शव की बदबू को रोकने के लिए रूम फ्रेशनर और इत्र का इस्तेमाल करता रहा। 
बदबू इसके बावजूद भी न रुकी। हवा के ज़रिये किसी न किसी मात्रा में यह बदबू बाहर निकलने लगी। धीरे धीरे इसकी मात्रा भी बढ़ने लगी। इस पर आस पड़ोस में भी चर्चा होने लगी।   जब भी कभी आस पड़ोस वाले पूछते तो वह जवाब में उसी फ्लैट में रहने वाले किरायेदारों को कोसता। वह किसी न किसी तरह इन किराएदारों को ही इस बदबू के लिए ज़िम्मेदार ठहराता।
यहाँ इस सारी घटना का संक्षिप्त सा ज़िक्र केवल इस लिए किआ गया है तांकि उन लोगों की आँखें खुल सकें जो हर बात-बे-बात पर अपने ही देश भारत को कोसने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहते। 
ब्रिटेन की यह घटना बताती है कि जिन लोगों को हम न जाने कितना आधुनिक और विकसित समझते हैं वे वास्तव किस स्थिति में हैं? वहां किस तरह के पतन की घटनाएं घटित हो रही हैं। इस तरह के तथाकथित विकास के आधार पर खुद को विकसित कहलाने वाले देशों के लोगो तो धर्म कर्म के साथ साथ इंसानियत को भी भूलते जा रहे हैं। ज़रा सा वैचारिक मतभेद और वे लोग सामने वाली की जान लेते हैं।  
इसके विपरीत आज भी भारत में मानवता और संवेदना ज़िंदा है। लोग एक दुसरे का ध्यान रखते हैं। खुद का खाना उठा कर दूसरों को दे देते हैं। यह सब इसी लिए हो पता है क्यूंकि भारत के लोग धर्म पर आधारित शैली में जीवन जीते हैं। इसी लिए इनके जीवन जीने के अंदाज़ में मानवीय जीवन का अभी भी बहुत मूल्य है। जो लोग जीवन के महत्व को संहते होते हैं वे लोग कभी भी किसी दुसरे को नुक्सान नहीं पहुंचाते। 
नामधारी सदगुरु ठाकुर दलीप सिंह कहते हैं इन सब बातों के कारण ही मेरे लिए भारत अभी भी एक महान देश है। सारी दुनिया से अलग और महान जिस पर मुझे गर्व है। ठाकुर जी के शब्दों को सुन कर एक पुराना गीत अनायास ही याद आ गया--
है प्रीत जहाँ की रीत सदा

मैं गीत वहाँ के गाता हूँ
भारत का रहनेवाला हूँ
भारत की बात सुनाता हूँ

शुक्रवार, 15 मई 2020

अमर शहीद एसीपी कोहली को डा. रमेश मंसूरां की विशेष श्रद्धांजलि

Friday 15th May 2020 at 14:29
 काव्यपूर्ण शब्दों में श्रद्धा सुमन अर्पित किये और कहा:जीत जायेंगे हम 
लुधियाना: 15 मई 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::
कोरोना के साथ जंग जारी है। आंकड़े बढ़ रहे हैं लेकिन इसके साथ ही इसे नियंत्रण में लाने के प्रयास भी तेज़ हो रहे हैं। जिस रफ्तार से यह जंग तेज़ हो रही उसी रफ्तार से बहुत शिद्दत के साथ याद आ रहे हैं एसीपी अनिल कोहली। देश में सक्रिय पुलिस फ़ोर्स में से इस जंग के पहले शहीद। कहीं आम जनता इसकी चपेट में न आ जाये इसकी चिंता में आधी आधी रात को जाग जाने वाले एसीपी अनिल कोहली। कहीं कोई भूखा न सो जाये इस चिंता में खुद राशन लाद कर और  खुद रिक्शानुमा भारीभरकम ठेला पैडलों से ड्राईव कर के गरीबों के घरों तक पहुंचने वाले एसीपी अनिल कोहली। समाज के छोटे से छोटे व्यक्ति का दर्द महसूस करने वाले वह लोकप्रिय पुलिस अफसर एसीपी अनिल कोहली आज हमारे दरम्यान नहीं है लेकिन उन की यादें हमारे साथ रहेंगी। उन यादों को संजोने और संभालने का बहुत ही अच्छा प्रयास किया है उनके गहरे मित्र डा. रमेश मेहता (मंसूरां वालों) ने। आज भी उन्हें याद करते ही डाक्टर रमेश की आँखों में आंसू आ जाते हैं।  
कोरोना संकट में पंजाब पुलिस बलों का मनोबल बढ़ाने  के लिए डॉ. रमेश द्वारा लिखित एसीपी अनिल कोहली को समर्पित श्रद्धांजलि गीत बहुत ही मार्मिक है। इस गीत की हर पंक्ति कोरोना की जंग के उस शहीद की यादों का सिलसिला आड़ दिलाती है। बोलों के साथ साथ अतीत की तस्वीरों से यह सब और भी सजीव हो गया है। 
शहीद अनिल कोहली एसीपी लुधियाना को समर्पित श्रद्धांजलि गीत, पंजाब पुलिस, फ्रंट लाइन योद्धाओं के मनोबल को बढ़ाने के लिए मिशन पुनर्जोत के तहत सामाजिक सेवाओं की निरंतरता में यह गाना आज दुनिया भर में रिलीज हुआ। सब कुछ बहुत ही सादगी 
यह गीत डॉ.  रमेश एमडी, नेत्र विशेषज्ञ, डायरेक्टर, डॉ. रमेश सुपर स्पेशियलिटी आई और लेजर लुधियाना द्वारा प्रस्तुत और लिखा गया है। सब कुछ बहुत ही सादगी से हुआ। न कोई वीआईपी बुलाया गए न ही कोई तड़क भड़क दिखाई गई। सोशल डिस्टेंस का कायम रखते हुए यह सारी रस्म बहुत ही सादगी से अदा हुई। 
लुधियाना के लोग, पुलिस बलों के जवान और राष्ट्र के लोग ईमानदार, समर्पित, व्यावहारिक, प्रतिबद्ध और बहादुर पुलिस अधिकारी अनिल कोहली के महान बलिदान के ऋणी रहेंगे। हर दिल में एक विशेष जगह बानी रहेगी उस महान शहीद के लिए। 
इस गीत में कोरोना बीमारी की देखभाल के लिए उनके योगदान और उनके सबक को बहुत ही आसान से शब्दों में जनता के सामने रखा गया। डाक्टर रमेश ने अपने बेहद प्रिय मित्र एसीपी कोहली को इस गीत के ज़रिये याद रखने का यह प्रयास बहुत ही श्रद्धा से किया। उनके दिल की आवाज़ है इस गेट में। 
डा. रमेश ने इस अवसर पर कहा कि वह समाज के लिए स्वास्थ्य शिक्षा के अलावा पिछले 29 वर्षों से नेत्रदान के महान कार्य के लिए काम कर रहे हैं। पंजाब पुलिस इस खूबसूरत दुनिया को फिर से देखने के लिए  ज़रूरतमंद लोगों की मदद के लिए मिशन पुनर्जोत  के साथ नेत्रदान आंदोलन के लिए सराहनीय काम कर रही है। कोरोना युद्ध के लिए खुद की अग्रिम पंक्ति के योद्धा के रूप में मैंने भारत के महान बेटे अनिल कोहली के सम्मान में एक छोटी सी श्रद्धांजलि लिखने के लिए यह पहल की। डाक्टर रमेश ने बहुत ही भावुक होते हुए शहीद एसीपी कोहली की स्मृति में जब सिर झुकाया तो कैमरे में उन पलों को बहुत ही खूबसूरती से कैद किया। 
यह श्रद्धांजलि गीत यूट्यूब पर उपलब्ध है। इसे देखा जा सकता है। इस मकसद के लिए आप यहां क्लिक भी कर सकते हैं। 
इसके साथ ही डा. रमेश ने एक वायदा भी किया है। यह वायदा उनके परिवार के साथ भी है। उन्होंने कहा कि मिशन पुनर्जोत हमेशा अनिल कोहली जी के परिवार के साथ रहेगा और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना रहेगा। आपको यह प्रयास कैसा लगा अवश्य बताएं। --कार्तिका सिंह 

शुक्रवार, 1 मई 2020

स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब को कोविड-19 परीक्षण करने की मंजूरी

Thursday: 30th April 2020 at 23:44
कोविड-19 परीक्षण करने के लिए मंजूरी दी आईसीएमआर ने 
नई दिल्ली: 2 मई 2020: (एम. मुमताज़//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::
दिल्ली एनसीआर की एक प्रमुख डायग्नोस्टिक सेवा प्रदाता कंपनी, स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब ने कोरोना वायरस के लिए परीक्षण करने शुरू कर दिये हैं। मीडिया से बात करते हुए प्रबंधन ने इस खबर की पुष्टि की। छह राज्यों में 12 निजी डायग्नोस्टिक लैब चेन्स को कोरोना वायरस के नमूनों का परीक्षण करने के लिए सरकार से मंजूरी मिल गयी है।
स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब में अब डॉक्टर के पर्चे और सरकारी पहचान पत्र के आधार पर कोविड-19 के संदिग्ध रोगियों का परीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल, इसे घरों से मरीजों के नमूने एकत्र करने और ड्राइव-थ्रू की अनुमति मिली हुई है।
कोरोना वायरस के टैस्ट का शुल्क रु. 4,500 है और यह रिपोर्ट दो दिनों में उपलब्ध करा दी जाती है। स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब के डायरेक्टर समीर भाटी ने बताया, "भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा तिलक नगर, दिल्ली स्थित हमारी मुख्य प्रयोगशाला को कोविड-19 हेतु परीक्षण की अनुमति दी गयी है। फिलहाल, हम भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षण शुरू करने के लिए तैयार हैं।"
उन्होंने कहा, "हम इस बात से बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि आईसीएमआर ने तिलक नगर, दिल्ली स्थित स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब को ऐसे समय में कोविड-19 टैस्ट के लिए चुना है, जब इन परीक्षणों की बहुत अधिक जरूरत है और देश की एक बड़ी आबादी कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) से खतरा महसूस कर रही है। लैब में बड़े स्तर पर परीक्षण करने के लिए पर्याप्त क्षमता है। देश में इस बीमारी के प्रसार को रोकने और इसकी जांच के लिए व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रबंधन आगे की योजना बना रहा है। इन दिनों बिना लक्षणों वाले मामले बढ़ रहे हैं,  ऐसे में समय रहते उचित परीक्षण बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, खासकर गर्भवती महिलाओं के मामलों में। ऐसे में, सरकार द्वारा निजी प्रयोगशालाओं को मंजूरी देने से देश को कोविड-19 संकट से निपटने में मदद मिलेगी। ”
अंत में उन्होंने कहा कि जैसा कि हमारे चेयरमैन, डॉ. आर ए गुप्ता और श्री पवन गुप्ता मैनेजिंग डायरेक्टर। का आदर्श वाक्य है - "दूसरों से वैसा वर्ताव करो, जैसा तुम उनसे चाहते हो"। इस सिद्धांत का पालन करते हुए हम पूरी क्षमता और शक्ति के साथ अपने संसाधनों के साथ राष्ट्र की सेवा के लिए तैयार हैं। 

गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

Corona से जंग: नामधारी संगत ने किया SSP अमृतसर का सम्मान

पुलिस वाले जान की बाज़ी लगा कर कर रहे हैं कोरोना जंग में जनसेवा 
अमृतसर//लुधियाना: 30 अप्रैल 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी ब्यूरो)::  
कोरोना वायरस का खौफ हर तरफ छाया हुआ है। कोरोना पीड़ितों की संख्या हर रोज़ बढ़ती जा रही है।कोरोना वायरस के इस इतने बड़े आतंक के बावजूद पुलिस के जवान निरंतर लोगों की सेवा में लगे हैं। गहन संकट की इस घड़ी में आम लोगों को बचाने के लिए सक्रिय हो कर काम करने वालों में पुलिस विभाग के जवान और उच्च अधिकारी भी शामिल हैं। अपनी जान का खतरा उठा कर दुसरे लोगों की जान बचने वाले लोग ज़िंदा शहीदों से काम भी नहीं होते। नामधारी संगत ने पुलिस विभाग के जवानों का सम्मान करने के लिए एक छोटा सा प्रयास किया। इस प्रयास के अंतर्गत एस एस पी सुखचैन सिंह गिल का सम्मान किआ गया। नामधारी संगत ने खतरा उठा कर लोगों के काम आ रहे पुलिस जवानों की प्रशंसा की। पुलिस के कुछ अन्य जवानों का भी सम्मान किया गया। इसके साथ ही इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट अध्यक्ष दिनेश बस्सी को भी सम्मानित किया गया। 
इस सम्मान के अंतर्गत स्वतंत्रता संग्राम का शुभारम्भ करने वाले सतिगुरु राम सिंह जी की तस्वीर श्री गिल, श्री बस्सी और अन्य लोगों को दी गयी। 
नामधारी संगत के सक्रिय नेता अध्यक्ष-गुरचरण सिंह, साहिब सिंह, लाल सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि कोरोना के कहर का सामना इतनी बहादुरी से करने वाले पुलिस जवानों का मनोबल बनाए रखना पूरे समाज का नैतिक कर्तव्य बनता है। आम लोग घरों में रह कर सुरक्षित रहें इस लिए यह जवान खुद बाहर निकल कर डयूटी दे रहे हैं। इन नामधारी नेताओं ने बताया कि ऐसे जांबाज़ पुलिस अधिकारीयों का सम्मान सतिगुरु ठाकुर दलीप सिंह जी के आदेशों पर किया जा रहा है। 
नामधारी संगत ने याद दिलाया कि अदि पुलिस वाले न होते तो समाज का क्या हाल हो गया होता। पुलिस वालों ने ही लोगों को उनके घरों में रोक रखा  है। अदि ऐसा न हुआ तो इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है की कोरोना ने अब तक कितनी जानें ले ली होतीं।  
गौरतलब है कि गर्मियों में पुलिस के जवानों को शकंजवी, ठंडा जल, निम्बू पानी इत्यादि और सर्दियों में चाय अर्थात देसी चाय पर आधारित चाटा पिलाने का सिलसिला नामधारी संगत ने बहुत पहले से शुरू कर रखा है। इसकी शुरुआत नामधारी संगत ने ठाकुर दलीप सिंह के कहने पर ही कई बरस पहले शुरू की थी।यह सिलसिला देश के सभी राज्यों में लगातार जारी है। आज हुए सम्मान आयोजन के समय नामधारी निर्मल सिंह, नामधारी दर्शन सिंह, नामधारी सतपाल सिंह, नामधारी निरंजन सिंह, नामधारी बूटा सिंह, नामधारी सुरजीत सिंह और नामधारी गुरुचरण सिंह चन्न भी मौजूद रहे। 

रविवार, 26 अप्रैल 2020

भूख के साथ साथ साम्प्रदयिक धुंध को हटाने में भी सक्रिय हैं कुमुद सिंह

समस्या सिर्फ राशन की नहीं-अन्य दबावों की भी है   
सोशल मीडिया: 25 अप्रैल 2020: रात्रि 9:31  पर:
प्रतीकात्मक तस्वीर 
हैलो, वो-वो आप कुमुद मैम बोल रही हैं...... ?
जी, बोल रही हूं...आप कौन?
मैम मैं भोपाल की.....कॉलोनी में रहती हूँ.....मेरे पति बिजली का काम करते हैं.....दो बच्चे हैं मैम.... यहां सबंधित महिला की पहचान छुपाने के लिए कॉलोनी का नाम हमने जानबूझ कर छुपा लिया है---
बात इससे आगे तो बढ़ी लेकिन कहीं अटक सी गई---मांगना आसान कहाँ होता है! वह बोली--
ऐसा है मैम....
वैसा है मैम......
मैने कहा-आप कुछ कहना चाहती हैं तो बेझिझक कहिए "बहन"
बहन शब्द ने कुछ बहनापा पैदा किया शायद...
वो बोली- मैम घर मे खाने का सामान खत्म हो गया है......ज़्यादा तो कभी नहीं था लेकिन इतना कमा लेते हैं कि हम सब इज्जत से भरपेट खा लेते हैं..... लेकिन अभी सब बंद है तो काम भी नहीं मिल रहा और--
आप बताइए मै क्या करूं आपके लिए बहन---
मैम कुछ राशन मिल पाएगा क्या----- हमने कभी हाथ नहीं फैलाया मैम लेकिन क्या करें समझ में नहीं आ रहा था----किसी से आपका नम्बर मिला तो--
ठीक है, आप बताइये पूरा ऐड्रेस----हम शाम तक भिजवाते हैं कुछ....
शुक्रिया मैम लेकिन वो....
जी कहें!
मैम मेरा नाम सलमा (परिवर्तित नाम) है तो --
तो क्या,
 हम वहां पहुँच कर आपको आवाज़ देंगे कि सलमा बहन बाहर आइये, हम आ गए हैं तो आप दरवाज़ा खोल दीजिएगा
वो हंस दी...... उस हंसी से लगा वह आश्वस्त हो गई थी। जब कुछ लोग साम्प्रदायिक आग भड़काने में ही लगे हों तो किसी को इस नज़रिए से सुरक्षा का अहसास करा पाना बेहद मुश्किल होता है---
शुक्रिया मैम, नहीं आपा, हां आपा
ये कल दोपहर एक फोन पर हुई बातचीत है...... सामान वहां  पहुँच गया है..... कल से आज शाम तक पांचवीं  बार फोन आ चुका है---शुक्रिया आपा, आप बहुत प्यार से बोलती हैं..... बस यही कहना था.....
घबराओ मत बहन........ हालात कितने भी बिगड़ जाएं, हम सलमा और कुमुद आपस में जुड़े रहकर जीत ही लेंगे बाज़ी.......
सलमा बहन को कुमुद का राशन 

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

घुटन से बचा सकता है मास्क पर इस हर्बल स्प्रे का छिड़काव

प्रविष्टि तिथि: 25 APR 2020 3:42PM by PIB Delhi
किसी इन्हैलर की तरह काम करता है यह हर्बल डीकन्जेस्टैंट स्प्रे 
नई दिल्ली: 25 अप्रैल 2020: (पीआईबी//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को लंबे समय मास्क लगाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें कई बार सांस लेने में घुटन महसूस होती है। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक हर्बल डीकन्जेस्टैंट स्प्रे विकसित किया है, जो इस समस्या से निजात दिलाने में मददगार हो सकता है।
यह हर्बल डीकन्जेस्टैंट स्प्रेकिसीइन्हैलर की तरह काम करता है, जिसे नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनबीआरआई) के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार किया गया है।लखनऊ स्थित एनबीआरआई काउंसिल ऑफ साइंटिफिक ऐंड इंडस्ट्रियल रिसर्च की एक प्रयोगशाला है, जिसे मुख्य रूप से वनस्पतियों पर किए जाने वाले उसके अनुसंधान कार्यों के लिए जाना जाता है। एनबीआरआई के इस हर्बल स्प्रे के शुरुआती नतीजे बेहद शानदार मिले हैं। देर तक मास्क पहनने वाले लोगों को इससे काफी राहत मिल रही है।
एनबीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक डॉ शरद श्रीवास्तव ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “इस हर्बल डीकन्जेस्टैंट स्प्रे को औषधीय और सगंध पौधों से तैयार किया गया है और इसका उपयोग पूरी तरह से सुरक्षित है।जिन पादप तत्वों का उपयोग इस स्प्रे में किया गया है, उनके नाम का खुलासा बौद्धिक संपदा संबंधी कारणों से अभी नहीं किया जा सकता। इसेसिर्फ एक बार मास्क पर स्प्रे करना होता है। स्प्रे करने के बाद मास्क का उपयोग करने पर नासिका और श्वसन तंत्र खुल जाता है और फिर सांस लेने में परेशानी नहीं होती।”
इस स्प्रे को आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। संस्थान की योजना इस इन्हैलर की तकनीक को व्यावसायिक उत्पादन के लिए हस्तांतरित करने की है, ताकि बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन किया जा सके और इसे जरूरतमंदों तक पहुँचाया जा सके।
For More Details : Dr. RK Sud, CSIR-IHBT, Palampur, Himachal Pradesh
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KGS/(DST/(इंडिया साइंस वायर))

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020

पंजाब ने 1 मई तक कर्फ्यू बढ़ाया

संकट में से निकलने को नीतियां बनाने के लिए बनेगी विशेष टास्क फोर्स 
*कैबिनेट की तरफ से कोविड काल के बाद अर्थव्यवस्था के पुर्नोद्धार के लिए नक्शा बनाने के लिए उच्च ताकती कमेटी बनाने का फैसला
*अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के तत्काल नवीनीकरन पर काम करने के लिए एक और टास्क फोर्स बनाई
चंडीगढ़: 10 अप्रैल 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी)::
कोविड -19 के कम्युनिटी में फैलाव के खतर्र्रोंं के चलते पंजाब सरकार ने शुक्रवार को राज्य में पहली मई, 2020 तक कफ्र्यू बढ़ाने का फ़ैसला लिया।

यह फ़ैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग में लिया गया जिससे इस महामारी के कम्युनिटी फैलाव को रोका जा सके और गेहूँ की कटाई /खरीद के सीजन के चलते मंडियों में भीड़ होने से बचाव किया जा सके।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार कैप्टन अमरिन्दर सिंह इस फ़ैसले से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शनिवार होने वाली मुख्यमंत्रियों की वीडियो काँफ्रंसिंग में भी अवगत करवाएंगे।

अगामी सप्ताहों में महामारी के फैलने के गंभीर अंदेशों का हवाला देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कफ्र्यू बंदिशें बहुत ज़रूरी थी जिससे मैडीकल ढांचे पर उसकी क्षमता से अधिक बोझ न पड़ सके। उन्होंने कहा कि मैडीकल भाईचारे में यह एक आम विचार है कि लॉकडाऊन ही इस बीमारी के फैलाव को रोकने से बचाव कर सकता है। उन्होंने आशा अभिव्यक्त की कि इस बीमारी को रोकने वाली कोई दवा /इलाज मिल सके।

मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर मंत्रीमंडल ने फ़ैसला किया कि कफ्र्यू /लॉकडाऊन से धीरे धीरे बाहर लाने के लिए नीति बनाने के लिए बहु-मंतवी टास्क फोर्स बनाई जाये। टास्क फोर्स 10 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। टास्क फोर्स में 15 मैंबर होंगे जो व्यापार, कारोबार, उद्योग, कृषि, सिवल सोसायटी और स्वास्थ्य क्षेत्रों की नुमायंदगी करेंगे। मुख्यमंत्री को टास्क फोर्स की रचना संबंधी फ़ैसला लेने के लिए अधिकारित किया।

मंत्रीमंडल ने उच्च ताकती कमेटी की स्थापना करने का भी फ़ैसला किया जो राज्य को कोविड काल के बाद खतरे के घटने और आम जन जीवन बहाल होने पर पर राज्य की अर्थव्यवस्था के पुर्नोद्धार का नक्शा बनाने में सुझाव देगी। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह योजना आयोग के पूर्व डिप्टी चेयरमैन मोंटेक सिंह आहलूवालीया को इस कमेटी का प्रमुख बनने की विनती करेंगे।

मंत्रीमंडल ने यह भी प्रस्ताव पास किया कि केंद्र सरकार से अपील की जाये कि पंजाब में 500 करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश के साथ वायरोलॉजी का एडवांस सैंटर स्थापित किया जाये और राज्य सरकार की तरफ से इस प्रोजैक्ट के लिए मुफ़्त में ज़मीन मुहैया करवाई जायेगी।

मौजूदा संकट से निपटने के लिए राज्य में स्वास्थ्य ढांचे के तत्काल नवीनीकरन के लिए मंत्रीमंडल ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव के नेतृत्व में एक और टास्क फोर्स स्थापित करने का फ़ैसला लिया। पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग के प्रमुख सचिव और पंजाब हेल्थ सिस्टम कोर्पोरेशन के एम.डी. इस टास्क फोर्स के मैंबर होंगे। यह फोर्स स्वास्थ्य ढांचे के जल्द नवीनीकरन का काम समयबद्ध तरीके से करेगी। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को इस सम्बन्धी विस्तृत प्रस्ताव पेश करने के लिए कहा।