शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

विश्व रेडियो दिवस लोगों की विश्वसनीय आवाज़ का जश्न मनाने का दिन है: प्रधानमंत्री

 प्रधानमंत्री कार्यालय//प्रविष्टि तिथि:13 FEB 2026  at 12:08PM by PIB Delhi Regarding World Radio Day

प्रधानमंत्री ने गिनवाई रेडियो की खूबियां 


नई दिल्ली: 13 फरवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली//पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क)::

कोई ज़माना था जब गांवों और शहरों रेडियो ही हमारा संगी साथी हुआ करता था। सभी लोग सिनेमा नहीं जाते थे। रंगमंच भी सभी की पहुँच में नहीं था और दूरदर्शन अभी देश के कोने कोने तक नहीं पहुंचा था। उस समय रेडियो ही हमें देश और दुनिया की खबरें देता था और रेडिओ से ही हम गीत संगीत सुना करते थे और रेडियो ही हमें ड्रामे का मज़ा भी दिया करता था। आकाशवाणी के जालंधर केंद्र से पंजाबी गीतों के साथ साथ गीत संगीत भी बहुत लोकप्रिय हुआ करता था। देहाती प्रोग्राम को सुनने का एक अलग ही मज़ा था। उस प्रोग्राम के पात्र आज भी बहुत याद आते हैं। रौणकी राम, ठण्डु राम, भाईया जी और मास्टर जी से सभी का दिल जुड़ा हुआ था। 

आकाशवाणी जालंधर के साथ साथ आल इंडिया रेडियो दिल्ली से उर्दू सर्विस का अलग ही मज़ा था। रात्रि को तामील-ए-इरशाद हम कभी मिस नहीं करते थे। आकाशवाणी के साथ साथ बीबीसी लंदन और रेडियो सिलौन का भी अपना अलग ही रंग था। बिनाका गीत माला हर घर  में सुना जाता था। इस तरह रेडियो परिवार का एक हिस्सा बना हुआ था। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विश्व रेडियो दिवस एक ऐसे मीडिया का जश्न मनाने का अवसर है जो दूरदराज के गांवों से लेकर हलचल भरे शहरों तक, लोगों की विश्वसनीय आवाज है। श्री मोदी ने कहा कि वर्षों से रेडियो समय पर सूचना पहुंचाता रहा है, प्रतिभा को निखारता रहा है और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित करता रहा है।

श्री मोदी ने कहा, “मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से मैंने हमारे लोगों की सामाजिक शक्ति को उजागर करने में रेडियो की क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। इस महीने का कार्यक्रम 22 फरवरी दिन रविवार को प्रसारित होगा। कृपया कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव अवश्य साझा करें।”

प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

#MannKiBaat के माध्यम से मैंने हमारे लोगों की सामाजिक शक्ति को उजागर करने में रेडियो की क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव किया है। इस महीने का कार्यक्रम रविवार, 22 फरवरी को प्रसारित होगा। कार्यक्रम के लिए अपने सुझाव अवश्य साझा करें।

https://mygov.in/group-issue/inviting-ideas-mann-ki-baat-prime-minister-narendra-modi-22nd-february-2026/?target=inapp&type=group_issue&nid=366266

आजकल बदले हुए समय के साथ साथ रेडियो ने फिर अपने आप को अपडेट किया है। हिंदी, उर्दू और पंजाबी साहित्य से सबंधित बहुत से प्रोग्राम प्रस्तुत किए जाते हैं। गीत संगीत और परिचर्चाएं बहुत ही जानकारी भरी होती हैं। दिलचस्प बात यह है की अब आप आकाशवाणी के सभी केंद्रों के कार्यक्रम अपने मोबाईल पर इंटरनेट  के ज़रिए भी सुन सकते हैं। एक के बाद एक दिलचस्प प्रोग्राम नै पीढ़ी को भी रेडिओ से जोड़ रहे हैं। आपको रेडिओ कैसा लगता है अवश्य बताएं।  आपके विचारों की इंतज़ार तो रहेगी ही। 

***//पीके/केसी/एके//(रिलीज़ आईडी: 2227471)

रविवार, 25 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त किया

प्रविष्टि तिथि: 25 JAN 2026 at 7:11 PM by PIB Delhi

नई दिल्ली: 25 जनवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली// इनपुट-पंजाब स्क्रीन ब्लॉग टीवी डेस्क)

देश और पंजाब ने बहुत बार गंभीर और नाज़ुक दौर का सामना किया। ब्ल्यू स्टारआपरेशन की बात हो या फिर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या का वो दिन या फिर भोपाल गैस ट्रेजडी का बेहद दुखद समय - -बीबीसी के वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली आम जनता के लिए रेडियो ले ज़रिए एक नेहड़ विश्वसनीय आवाज़ बन कर सामने आते रहे। मार्क टली (90) और सतीश जैकब बीबीसी (BBC) के दिग्गज पत्रकार थे, जिन्होंने दशकों तक भारत की प्रमुख खबरों को कवर किया। टली 20 साल तक बीबीसी दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख रहे, जबकि जैकब उनके सहायक और करीबी दोस्त थे। दोनों ने मिलकर ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी की हत्या और भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटनाओं की रिपोर्टिंग की। 


इंटरनेट से साभार ली गई यह वीडियो मार्क टली के जीवन और पत्रकारिता के बारे में एक संक्षिप्त विवरण प्रदान करता है।  वास्तव में मार्क टली अपने आप में एक युग थे। जिन्होंने बहुत से उतरावों चढ़ावों वाले घटनाक्रम की बहुत ही निष्पक्ष रिपोर्टिंग की। 

गौरतलब है कि मार्क टली (Mark Tully): कोलकाता में जन्मे ब्रिटिश पत्रकार थे, जिन्हें 2002 में नाइटहुड और 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित भी किया गया। आम लोगों में उनकी लोकप्रियता भी किसी सम्मान से कम नहीं थी। देश के पत्रकार और आम लोग भी उनसे पल भर को मिलना बहुत गर्व की बात समझते थे। उनकी शख्सियत में एक आकर्षण शक्ति सी भी महसूस होती थी। 

इसी तरह उनके सहयोगी सतीश जैकब (Satish Jacob) भी बीबीसी के साथ लंबे समय तक काम करने वाले वरिष्ठ पत्रकार, बने जिन्होंने 1978 में मार्क टली के साथ काम शुरू किया और बाद में बीबीसी दिल्ली के डिप्टी ब्यूरो प्रमुख के रूप में सेवानिवृत्त हुए। उनका भी अपना एक अलग सा ही अंदाज़ था। खबरों की दुनिया में जब भी कोई बड़ी घटना या दुर्घटना की रिपोर्टिंग होती तो यह जोड़ी बहुत ही सलीके से समुचित रिपोर्टिंग करती। बहुत नपे तुले से शब्द और बहुत ही संतुलित सा सुर और तेवर उनकी खबर को निष्पक्ष बना देते थे।  

पंजाब के हालात देखें तो अतीत का बहुत कुछ याद आने लगता है। जून-1984 में हुए ब्ल्यू स्टार ऑपरेशन के बाद की स्थिति भी कम नाज़ुक नहीं थी। तनाव, सहम, सनसनी और आतंक का मिलाजुला माहौल था। सेना के इस एक्शन के परिणामस्वरूप प्रतिक्रिया बहुत तेज़ी से उभरने लगी थी। हर दिन इसका रुख तीखा भी होता जा रहा था। कहलसितां समर्थक ग्रुप सख्तियों के बावजूद अपनी मौजूदगी का अहसास कराने लगे थे।  

इसी बीच उस पुस्तक के प्रकाशन की भूमिका भी तैयार हो रही थी जो मार्क तली और सतीश जैकब ने मिलकर लिखी। इस प्रमुख पुस्तक ने भी बहुत ख्याति अर्जित की। दोनों ने मिलकर जो यह पुस्तक लिखी उसका नाम था: अमृतसर: मिसेज गांधीज़ लास्ट बैटल (Amritsar: Mrs. Gandhi's Last Battle) यह पुस्तक ऑपरेशन ब्लू स्टार पर एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ मानी जाती है। इस पुस्तक में बहुत कुछ नया और महत्वपूर्ण था। इसकी बिक्री भी रेकॉर्डतोड़ रही। बाद में इसके अनुवाद भी सामने आए।  

मार्क टली और सतीश जैकब के कलम की कार्यशैली भी कमाल की रही। दोनों ने निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए उल्लेखनीय ख्याति प्राप्त की, विशेषकर भारत में बीबीसी की विश्वसनीय आवाज़ के रूप में उनका काफी नाम हुआ। पंजाब के बहुत से पत्रकार मार्क तली और सतीश जैकब बनने के सा [ ने भी देखने लगे। इन नवोदित पत्रकारों ने केवल सपने नहीं देखे बल्कि कोशिशें भी की। बीबीसी ने इनमें से कइयों को मौका भी दिया। पंजाब से आजकल कई पत्रकार इस सपने साकार करने में कामयाब भी हुए। 

मार्क टली के निधन की हालिया खबर बहुत दुःख से सुनी गई। वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का जनवरी 2026 में नई दिल्ली में निधन हो गया, जिसकी पुष्टि सतीश जैकब ने की। उनका निधन बहुत से भारतीय पत्रकारों के लिए भी दुःख की लहर लेकर आया। इसी बीच सतीश जैकब ने मार्क टली को एक असाधारण पत्रकार और सच्चा दोस्त बताया है, जिन्होंने भारत के प्रति अटूट लगाव के साथ पत्रकारिता की। और भी  बहुत से लोगों और संगठनों ने उनके देहांत पर गहरा दुःख व्यक्त किया। 

प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सर मार्क टली के निधन पर शोक व्यक्त किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पत्रकारिता जगत की एक प्रभावशाली आवाज रहे सर मार्क टली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर मार्क टली का भारत और यहां के लोगों से गहरा जुड़ाव उनके कार्यों में स्पष्ट रूप से झलकता था। उन्होंने कहा कि सर मार्क की रिपोर्टिंग और उनके दृष्टिकोण ने सार्वजनिक विमर्श पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

प्रधानमंत्री ने सर मार्क टली के शोक संतप्त परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

प्रधानमंत्री ने एक्स (X) पर लिखा:

“पत्रकारिता की एक प्रभावशाली आवाज़ रहे सर मार्क टली के निधन से दुखी हूं। भारत और हमारे देश के लोगों के प्रति उनके गहरे जुड़ाव की झलक उनके कार्यों में देखने को मिलती थी। उनकी रिपोर्टिंग और उनके विचारों ने सार्वजनिक विमर्श पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उनके परिवार, मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।”

पीके/केसी/केजे/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2218636)